जमानत अर्जी (Bail Application) क्या है? अदालत से जमानत पाने की कानूनी प्रक्रिया
जमानती (Bailable) और गैर-जमानती (Non-Bailable) अपराधों में जमानत का अधिकार, मुचलका (Bail Bond), जामिनदार (Surety) और अदालती शर्तें।
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जमानती (Bailable) और गैर-जमानती (Non-Bailable) अपराधों में जमानत का अधिकार, मुचलका (Bail Bond), जामिनदार (Surety) और अदालती शर्तें।
गिरफ्तारी का समय, स्थान, साक्षी के हस्ताक्षर, परिजन को तत्काल सूचना और गिरफ्तारी मेमो न बनने पर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई।
24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी की संवैधानिक अनिवार्यता (अनुच्छेद 22), अवैध हिरासत में बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) रिट याचिका।
धारा 35 बीएनएसएस (पूर्व 41A सीआरपीसी) नोटिस, बिना नोटिस थाने बैठाने पर रोक, महिलाओं व 15 वर्ष से कम बच्चों से केवल निवास स्थान पर पूछताछ नियम।
राजस्थान पुलिस पोर्टल से चरित्र प्रमाण पत्र (Character Certificate) आवेदन, स्थानीय थाने द्वारा आपराधिक रिकॉर्ड जांच और रिपोर्ट प्रेषण।
मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान (Cognizance), दस्तावेजों की आपूर्ति, आरोप विरचन (Framing of Charges), अभियोजन साक्ष्य और बचाव पक्ष की जिरह।
धारा 193 बीएनएसएस (पूर्व 173 सीआरपीसी) के तहत 60 या 90 दिन में चार्जशीट, गवाहों के बयान, फोरेंसिक साक्ष्य और डिफॉल्ट बेल (Default Bail) का अधिकार।
पीड़ित को निशुल्क एफआईआर कॉपी पाने का अधिकार, राजस्थान पुलिस सिटीजन पोर्टल से ई-कॉपी डाउनलोड और आरोपी को कोर्ट से चालान कॉपी प्राप्ति।
पुलिस द्वारा पेश एफआर (FR/Final Report), प्रोटेस्ट पिटीशन (Protest Petition) और हाई कोर्ट में धारा 528 बीएनएसएस (पूर्व 482 सीआरपीसी) में क्वैशिंग।
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