क्या दूसरे शहर या राज्य में घटित अपराध की FIR अपने शहर में दर्ज करा सकते हैं?
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(1) के तहत क्षेत्राधिकार से बाहर प्राथमिकी दर्ज कराने की बाध्यता और पुलिस के इनकार पर कानूनी उपाय।
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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(1) के तहत क्षेत्राधिकार से बाहर प्राथमिकी दर्ज कराने की बाध्यता और पुलिस के इनकार पर कानूनी उपाय।
घटनास्थल के क्षेत्राधिकार की परवाह किए बिना देश के किसी भी पुलिस थाने में अपराध दर्ज कराने का अधिकार और संबंधित थाने को केस ट्रांसफर नियम।
संज्ञेय (Cognizable) बनाम असंज्ञेय (Non-cognizable) अपराध, एफआईआर दर्ज करने की बाध्यता और केवल शिकायत पत्र में अंतर।
घटना का सही विवरण, समय, स्थान, गवाहों के नाम और निशुल्क एफआईआर की प्रति (Free Copy of FIR) प्राप्त करने का कानूनी अधिकार।
थानाधिकारी द्वारा एफआईआर न लिखने पर पुलिस अधीक्षक (SP) को डाक से शिकायत और मजिस्ट्रेट कोर्ट में 156(3) CrPC/BNSS के तहत एफआईआर का आदेश।
चोरी, गुमशुदगी और गैर-संज्ञेय मामलों में घर बैठे ई-एफआईआर (e-FIR) दर्ज कराने और रसीद प्राप्त करने की संपूर्ण गाइड।
जांच अधिकारी (IO) के अधिकार, गवाहों के बयान, मौका नक्शा, गिरफ्तारी के नियम और कोर्ट में चालान या एफआर (FR) पेश करने की प्रक्रिया।
चेक बाउंस (138 NI Act), रिकवरी, संपत्ति विवाद में कोर्ट जाने से पहले वकील के माध्यम से लीगल नोटिस भेजने के नियम और समय सीमा।
7 साल से कम सजा वाले अपराधों में सीधे गिरफ्तारी पर रोक, नोटिस का जवाब देना और जांच में सहयोग करने के कानूनी अधिकार।
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