असफल विवाह के बाद कानूनी विकल्प: आपसी सहमति से तलाक, न्यायिक पृथक्करण व पुनर्वास
धारा 13B हिंदू विवाह अधिनियम में 6 महीने के कूलिंग-ऑफ पीरियड की छूट, स्थाई गुजारा भत्ता (Alimony) और शांतिपूर्ण विधिक समझौते की पूरी प्रक्रिया।
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धारा 13B हिंदू विवाह अधिनियम में 6 महीने के कूलिंग-ऑफ पीरियड की छूट, स्थाई गुजारा भत्ता (Alimony) और शांतिपूर्ण विधिक समझौते की पूरी प्रक्रिया।
दहेज मांग, शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना पर गैर-जमानती धाराओं में एफआईआर, महिला हेल्पलाइन 1090 और तुरंत पुलिस सुरक्षा का अधिकार।
तलाक या विवाद के बाद भी पिता द्वारा बच्चे की उच्च शिक्षा, स्कूल फीस और विवाह खर्च उठाने का वैधानिक उत्तरदायित्व।
अदालत में बच्चे का कल्याण (Welfare of the Child) सर्वोपरि; 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे की कस्टडी मां को और पिता को मुलाकात का अधिकार (Visitation Rights)।
स्त्रीधन न लौटाने पर आपराधिक न्यास भंग (Criminal Breach of Trust - BNS 316 / IPC 406) की एफआईआर और कोर्ट के जरिए रिकवरी वारंट।
विवाह के समय मायके व ससुराल से मिले जेवर, उपहार व नकदी पर केवल और केवल महिला का 100% पूर्ण मालिकाना अधिकार होता है।
सतीश चंदर आहूजा बनाम स्नेहा आहूजा फैसले के अनुसार ससुराल का मकान सास-ससुर के नाम होने पर भी बहू को घर से बेदखल नहीं किया जा सकता।
महिला का वेतन छीनना, घरेलू खर्च न देना या स्त्रीधन हड़पना आर्थिक हिंसा के दायरे में; धारा 20 डीवी एक्ट के तहत मौद्रिक राहत का अधिकार।
धारा 12 के तहत मजिस्ट्रेट कोर्ट में आवेदन, संरक्षण अधिकारी (Protection Officer) की डीआईआर रिपोर्ट और साझा घर में रहने का आदेश।
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