राजस्थान कानूनी अधिकार एवं
नागरिक विधिक सहायता पोर्टल
जमीन-जायदाद, नामांतरण (दाखिल-खारिज), किराया कानून, वैवाहिक विवाद, उपभोक्ता संरक्षण, साइबर फ्रॉड, पुलिस एफआईआर और वरिष्ठ नागरिकों के 100 महत्वपूर्ण कानूनी अधिकारों की संपूर्ण, सरल व प्रामाणिक जानकारी।
क्या आपका कोई कानूनी विवाद है?
जमीन, वसीयत, चेक बाउंस, पुलिस केस, तलाक या पारिवारिक विवाद में सीधे हाई कोर्ट के अधिवक्ता से परामर्श लें।
WhatsApp पर संपर्क करेंFacebook, Instagram या WhatsApp हैक होने पर अकाउंट रिकवरी व कानूनी उपाय (What to Do If Your Social Media Account Is Hacked?)
आईटी एक्ट 2000 की धारा 43 व 66: हैकर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराना और प्लेटफॉर्म ग्रिविएंस ऑफिसर को रिपोर्ट करना।
ऑनलाइन पीछा करने (Cyberstalking) और जासूसी के खिलाफ सख्त कानूनी धाराएं (Cyberstalking: Legal Remedies in India)
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 78 / आईपीसी 354D के तहत महिलाओं की सुरक्षा: 3 साल की जेल और गैर-जमानती अपराध।
सोशल मीडिया पर अश्लील मैसेज, ट्रोलिंग या धमकी मिलने पर कानूनी कार्रवाई (Online Harassment: What Legal Action Can You Take?)
आईटी एक्ट की धारा 67 और बीएनएस की धाराओं के तहत पुलिस शिकायत, अकाउंट ब्लॉक कराना और साइबर सेल से सुरक्षा प्राप्त करना।
ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग (Sextortion / Digital Arrest) होने पर कभी न डरें: कानूनी कदम (What to Do If Someone Is Blackmailing You Online?)
वीडियो कॉल रिकॉर्ड करके ब्लैकमेल करने वाले गिरोहों को पैसे न दें; तुरंत हेल्पलाइन 1930 और पुलिस को सूचना देकर राहत पाने का तरीका।
बिना सहमति निजी फोटो या वीडियो वायरल करने पर आईटी एक्ट की धारा 66E व 67A (Sharing Private Photos Without Consent: Legal Consequences)
निजता के हनन (Privacy Violation) पर 3 से 5 साल की सजा, भारी जुर्माना और सोशल मीडिया से आपत्तिजनक सामग्री तुरंत हटवाने के नियम।
आपके नाम और फोटो से फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनने पर तुरंत रिपोर्ट और कानूनी एक्शन (Fake Social Media Profiles: What Can You Do?)
पहचान चोरी (Identity Theft - Section 66C IT Act) के तहत साइबर एफआईआर और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से प्रोफाइल तुरंत डिलीट कराने की प्रक्रिया।
फर्जी शॉपिंग वेबसाइटों और भारी डिस्काउंट वाले विज्ञापनों से ठगी से कैसे बचें? (Online Shopping Fraud: How to Protect Yourself)
संदिग्ध पेमेंट गेटवे की पहचान, कैश ऑन डिलीवरी (COD) का उपयोग और ठगी होने पर चार्ज-बैक (Chargeback) प्रोसेस से रिफंड पाना।
गलती से OTP शेयर हो जाने पर तुरंत बैंक फ्रॉड रोकने के अनिवार्य कदम (OTP Fraud: What Should Victims Do?)
ओटीपी फ्रॉड के बाद तुरंत नेट बैंकिंग और यूपीआई ब्लॉक करना, बैंक फ्रॉड सेल में ईमेल करना और नोडल ऑफिसर से संपर्क।
डिजिटल पेमेंट फ्रॉड में खोए पैसे वापस पाने के कानूनी व तकनीकी रास्ते (Digital Payment Fraud: Important Legal and Practical Steps)
बैंकिंग लोकपाल (Banking Ombudsman) के समक्ष शिकायत दर्ज कराना और कोर्ट के माध्यम से बैंक खाते से रिकवरी के आदेश प्राप्त करना।