राजस्थान कानूनी अधिकार एवं
नागरिक विधिक सहायता पोर्टल
जमीन-जायदाद, नामांतरण (दाखिल-खारिज), किराया कानून, वैवाहिक विवाद, उपभोक्ता संरक्षण, साइबर फ्रॉड, पुलिस एफआईआर और वरिष्ठ नागरिकों के 100 महत्वपूर्ण कानूनी अधिकारों की संपूर्ण, सरल व प्रामाणिक जानकारी।
क्या आपका कोई कानूनी विवाद है?
जमीन, वसीयत, चेक बाउंस, पुलिस केस, तलाक या पारिवारिक विवाद में सीधे हाई कोर्ट के अधिवक्ता से परामर्श लें।
WhatsApp पर संपर्क करेंअसफल विवाह के बाद कानूनी विकल्प: आपसी सहमति से तलाक, न्यायिक पृथक्करण व पुनर्वास
धारा 13B हिंदू विवाह अधिनियम में 6 महीने के कूलिंग-ऑफ पीरियड की छूट, स्थाई गुजारा भत्ता (Alimony) और शांतिपूर्ण विधिक समझौते की पूरी प्रक्रिया।
दहेज प्रताड़ना का सामना कर रही महिला के कानूनी अधिकार: धारा 85/86 बीएनएस (पुराना 498A)
दहेज मांग, शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना पर गैर-जमानती धाराओं में एफआईआर, महिला हेल्पलाइन 1090 और तुरंत पुलिस सुरक्षा का अधिकार।
बच्चे की शिक्षा व भरण-पोषण खर्च: माता-पिता के कानूनी दायित्व व कोर्ट नियम
तलाक या विवाद के बाद भी पिता द्वारा बच्चे की उच्च शिक्षा, स्कूल फीस और विवाह खर्च उठाने का वैधानिक उत्तरदायित्व।
तलाक के समय बच्चे की कस्टडी (Child Custody): बच्चे का हित व न्यायालयीन सिद्धांत
अदालत में बच्चे का कल्याण (Welfare of the Child) सर्वोपरि; 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे की कस्टडी मां को और पिता को मुलाकात का अधिकार (Visitation Rights)।
ससुराल से स्त्रीधन वापस पाने के कानूनी विकल्प: धारा 316 बीएनएस व डीवी एक्ट प्रक्रिया
स्त्रीधन न लौटाने पर आपराधिक न्यास भंग (Criminal Breach of Trust - BNS 316 / IPC 406) की एफआईआर और कोर्ट के जरिए रिकवरी वारंट।
स्त्रीधन क्या है और इस पर किसका मालिकाना हक होता है? कानूनी स्पष्टता
विवाह के समय मायके व ससुराल से मिले जेवर, उपहार व नकदी पर केवल और केवल महिला का 100% पूर्ण मालिकाना अधिकार होता है।
ससुराल में महिला का निवास अधिकार: साझा घर (Shared Household) में सुप्रीम कोर्ट के नियम
सतीश चंदर आहूजा बनाम स्नेहा आहूजा फैसले के अनुसार ससुराल का मकान सास-ससुर के नाम होने पर भी बहू को घर से बेदखल नहीं किया जा सकता।
घरेलू हिंसा में आर्थिक प्रताड़ना (Economic Abuse) से संरक्षण: कानूनी अधिकार व राहत
महिला का वेतन छीनना, घरेलू खर्च न देना या स्त्रीधन हड़पना आर्थिक हिंसा के दायरे में; धारा 20 डीवी एक्ट के तहत मौद्रिक राहत का अधिकार।
घरेलू हिंसा की शिकायत क्या है? डीवी एक्ट 2005 के तहत संरक्षण व अंतरिम आदेश
धारा 12 के तहत मजिस्ट्रेट कोर्ट में आवेदन, संरक्षण अधिकारी (Protection Officer) की डीआईआर रिपोर्ट और साझा घर में रहने का आदेश।
पत्नी और बच्चों का भरण-पोषण: धारा 144 बीएनएसएस (पुराना 125 सीआरपीसी) संपूर्ण गाइड
पति की आय के अनुपात में अंतरिम भरण-पोषण (Interim Maintenance), रजनीश बनाम नेहा सुप्रीम कोर्ट गाइडलाइंस और संपत्ति का शपथ-पत्र।
राजस्थान में विवाह पंजीकरण (Marriage Registration): जरूरी दस्तावेज व ऑनलाइन आवेदन (Marriage Registration in Rajasthan: Process and Documents)
पहचान पोर्टल (Pehchan Portal) पर शादी का रजिस्ट्रेशन, शपथ पत्र, वर-वधू व गवाहों के दस्तावेज और प्रमाण पत्र डाउनलोड करने का तरीका।
मैरिज सर्टिफिकेट बनवाना क्यों जरूरी है और इसके क्या कानूनी फायदे हैं? (Why Is Marriage Registration Important?)
पासपोर्ट, वीजा, संयुक्त बैंक खाता, सरकारी योजनाओं, बीमा क्लेम और उत्तराधिकार में मैरिज सर्टिफिकेट की अनिवार्यता।