राजस्थान कानूनी अधिकार एवं
नागरिक विधिक सहायता पोर्टल
जमीन-जायदाद, नामांतरण (दाखिल-खारिज), किराया कानून, वैवाहिक विवाद, उपभोक्ता संरक्षण, साइबर फ्रॉड, पुलिस एफआईआर और वरिष्ठ नागरिकों के 100 महत्वपूर्ण कानूनी अधिकारों की संपूर्ण, सरल व प्रामाणिक जानकारी।
क्या आपका कोई कानूनी विवाद है?
जमीन, वसीयत, चेक बाउंस, पुलिस केस, तलाक या पारिवारिक विवाद में सीधे हाई कोर्ट के अधिवक्ता से परामर्श लें।
WhatsApp पर संपर्क करेंएफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस जांच, चालान (Charge Sheet) और कोर्ट की प्रक्रिया (What Happens After an FIR Is Registered?)
जांच अधिकारी (IO) के अधिकार, गवाहों के बयान, मौका नक्शा, गिरफ्तारी के नियम और कोर्ट में चालान या एफआर (FR) पेश करने की प्रक्रिया।
लीगल नोटिस क्या होता है, इसे कब भेजना चाहिए और इसका क्या कानूनी प्रभाव होता है? (What Is a Legal Notice and When Should You Send One?)
चेक बाउंस (138 NI Act), रिकवरी, संपत्ति विवाद में कोर्ट जाने से पहले वकील के माध्यम से लीगल नोटिस भेजने के नियम और समय सीमा।
पुलिस का 41A नोटिस मिलने पर क्या करें? क्या गिरफ्तारी हो सकती है? (What Is a Police Notice and What Should You Do After Receiving One?)
7 साल से कम सजा वाले अपराधों में सीधे गिरफ्तारी पर रोक, नोटिस का जवाब देना और जांच में सहयोग करने के कानूनी अधिकार।
पुलिस पूछताछ और गिरफ्तारी के समय आम नागरिक के 8 मौलिक अधिकार (What Are Your Rights During a Police Investigation?)
गिरफ्तारी का कारण जानने, वकील से मिलने, 24 घंटे में मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने और मेडिकल जांच कराने का अधिकार (डी.के. बसु गाइडलाइंस)।
अदालत का समन (Court Summons) या वारंट मिलने पर क्या करना चाहिए? (What Should You Do If You Receive a Court Summons?)
समन को नजरअंदाज न करें; गवाह के रूप में या आरोपी के रूप में समन मिलने पर वकील के जरिए हाजिरी माफी या जमानत के नियम।
जमानत (Bail) क्या है: अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) और नियमित जमानत के नियम (Bail in India: Basic Things Every Citizen Should Know)
झूठे केस में गिरफ्तारी से पहले सेशन कोर्ट या हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत पाने की शर्तें, मुचलका और जमानतदार की भूमिका।