रोचक एवं दिमागी हिंदी पहेलियाँ (उत्तर सहित)
क्या आप इन पहेलियों का जवाब बिना उत्तर देखे दे सकते हैं? पहेली पढ़ें, संकेत लें और उत्तर देखने के लिए बटन दबाएं।
"पहेली क्रमांक #292: दो अक्षर का मेरा नाम, हरदम रहता मुझे जुकाम। कागज है मेरा रुमाल, बूझो तो जानूं तुम्हारा हाल।"
"पहेली क्रमांक #1579: छोटा सा सिपाही, उसकी लाल-लाल पगड़ी। पेट में उसके आग भरी, बताओ क्या?"
"पहेली क्रमांक #1846: काला मुंह लाल शरीर, कागज पर वो चले लकीर। बताओ कौन?"
"बच्चों की मजेदार पहेली: धूप में खड़ा रहे खुद तपता, राहगीरों को छाया और फल बख्शता। बताओ क्या?"
"पहेली क्रमांक #745: हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।"
"सोचिए और बताइए #1518: वह कौन सा महीना है जिसमें 28 दिन होते हैं?"
"बच्चों की मजेदार पहेली: धूप में खड़ा रहे खुद तपता, राहगीरों को छाया और फल बख्शता। बताओ क्या?"
"पहेली क्रमांक #1045: हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।"
"पहेली क्रमांक #2101: एक थाल मोतियों से भरा, सबके सिर पर औंधा धरा। चारों ओर वह थाल फिरे, मोती उससे एक न गिरे।"
"सोचिए और बताइए #1470: एक आदमी बारिश में बिना छतरी के बाहर गया, फिर भी उसके सिर का एक भी बाल नहीं भीगा। बताओ क्यों?"
"पहेली क्रमांक #2530: अगर नाक पर चढ़ जाऊं, तो कान पकड़कर खूब पढ़ाऊं। बताओ क्या?"