रोचक एवं दिमागी हिंदी पहेलियाँ (उत्तर सहित)
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"बच्चों की मजेदार पहेली: जो जैसा हो वैसा ही दिखाए, बिना बोले सब सच बतलाए। बताओ क्या?"
"पहेली क्रमांक #445: हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।"
"पहेली क्रमांक #2890: अगर नाक पर चढ़ जाऊं, तो कान पकड़कर खूब पढ़ाऊं। बताओ क्या?"
"बच्चों की मजेदार पहेली: टिक-टिक करती चलती जाए, कभी न थके और समय बताए। बताओ क्या?"
"पहेली क्रमांक #2452: दो अक्षर का मेरा नाम, हरदम रहता मुझे जुकाम। कागज है मेरा रुमाल, बूझो तो जानूं तुम्हारा हाल।"
"बच्चों की मजेदार पहेली: धूप में खड़ा रहे खुद तपता, राहगीरों को छाया और फल बख्शता। बताओ क्या?"
"पहेली क्रमांक #2485: हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।"
"सोचिए और बताइए #960: एक आदमी बारिश में बिना छतरी के बाहर गया, फिर भी उसके सिर का एक भी बाल नहीं भीगा। बताओ क्यों?"
"सोचिए और बताइए #213: वह कौन सी संख्या है जिसे यदि आप 0 से गुणा करें तो शून्य आए, लेकिन खुद से जोड़ें तो दुगनी हो जाए?"
"सोचिए और बताइए #1788: वह कौन सा महीना है जिसमें 28 दिन होते हैं?"
"बच्चों की मजेदार पहेली: दिन में निकले, रात को भागे। सबको रोशनी और जीवन साजे। बताओ क्या?"