दिमागी कसरत

रोचक एवं दिमागी हिंदी पहेलियाँ (उत्तर सहित)

क्या आप इन पहेलियों का जवाब बिना उत्तर देखे दे सकते हैं? पहेली पढ़ें, संकेत लें और उत्तर देखने के लिए बटन दबाएं।

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ सरल

"बूझो तो जाने पहेली #392: हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ सरल

"बूझो तो जाने पहेली #86: एक थाल मोतियों से भरा, सबके सिर पर औंधा धरा। चारों ओर वह थाल फिरे, मोती उससे एक न गिरे।"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ सरल

"बूझो तो जाने पहेली #431: एक थाल मोतियों से भरा, सबके सिर पर औंधा धरा। चारों ओर वह थाल फिरे, मोती उससे एक न गिरे।"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ सरल

"बूझो तो जाने पहेली #23: ऊंट की बैठक, हिरण की चाल। वो कौन सा जानवर जिसके दुम न बाल?"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ सरल

"बूझो तो जाने पहेली #248: ऊंट की बैठक, हिरण की चाल। वो कौन सा जानवर जिसके दुम न बाल?"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ सरल

"बूझो तो जाने पहेली #323: ऊंट की बैठक, हिरण की चाल। वो कौन सा जानवर जिसके दुम न बाल?"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ सरल

"बूझो तो जाने पहेली #647: हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ सरल

"बूझो तो जाने पहेली #461: एक थाल मोतियों से भरा, सबके सिर पर औंधा धरा। चारों ओर वह थाल फिरे, मोती उससे एक न गिरे।"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ सरल

"बूझो तो जाने पहेली #332: हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ सरल

"बूझो तो जाने पहेली #131: एक थाल मोतियों से भरा, सबके सिर पर औंधा धरा। चारों ओर वह थाल फिरे, मोती उससे एक न गिरे।"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ सरल

"बूझो तो जाने पहेली #176: एक थाल मोतियों से भरा, सबके सिर पर औंधा धरा। चारों ओर वह थाल फिरे, मोती उससे एक न गिरे।"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ सरल

"बूझो तो जाने पहेली #257: हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।"

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