दर्द और तन्हाई शायरी

दर्द और तन्हाई शायरी

टूटे दिल और जुदाई के एहसासों को बयां करती दर्द भरी शायरी।

दर्द और तन्हाई शायरी
बिछड़ने का दुख तो था ही दिल को, पर तेरी बेरुखी ने और भी तोड़ दिया, हम तो चले थे वफ़ा की राह पर, तूने बीच राह में ही क्यों साथ छोड़ दिया?
— अज्ञात
दर्द और तन्हाई शायरी
कांच की तरह टूट कर बिखर गए हम, अब किसी को चुभ न जाएँ इसलिए सिमट गए हम, जो कभी कहते थे कि धड़कन हो तुम हमारी, आज उनकी ही नज़रों में पत्थर बन गए हम।
— अज्ञात
दर्द और तन्हाई शायरी
शायद हमारा ही कसूर था जो बेपनाह चाह बैठे, वरना पत्थर दिलों में कभी फूल खिला नहीं करते, वो तो खुश हैं अपनी नई दुनिया बसा कर, पर हम आज भी उन्हीं गलियों में भटका करते हैं।
— अज्ञात
दर्द और तन्हाई शायरी
एक अजीब सी खामोशी छाई है दिल के वीराने में, जैसे कोई मुसाफिर थक कर सो गया हो आशियाने में, अब न कोई उम्मीद है और न ही कोई आरज़ू, ज़िंदगी कट रही है बस वक़्त को गँवाने में।
— अज्ञात
दर्द और तन्हाई शायरी
लिखना तो था कि हम खुश हैं बहुत उनके बिना, मगर कम्बख्त आँसुओं ने कागज़ पर स्याही को फैला दिया, कोशिश तो बहुत की थी दर्द को छुपाने की, पर बंद आँखों ने ही सारा राज़ ज़माने को बता दिया।
— अज्ञात
दर्द और तन्हाई शायरी
अब मत खोलना मेरी गुज़री हुई ज़िन्दगी की किताबों को, जो था वो मैं रहा नहीं, जो हूँ वो किसी को पता नहीं, तन्हाई की आग में जलकर राख हो चुका हूँ मैं, अब इस राख में सुलगने को कुछ बचा ही नहीं।
— अज्ञात
दर्द और तन्हाई शायरी
हमने तो वफ़ा की थी पूरी शिद्दत के साथ, मगर नसीब में लिखी थी सिर्फ दर्द की बरसात। वक़्त के साथ ज़ख़्म तो भर जाते हैं मगर निशान रह जाते हैं, टूटे हुए सपनों के सिर्फ ख़्वाब रह जाते हैं।
— अल्फाज़ #dard #sad #tanhai #judai #brokenheart
दर्द और तन्हाई शायरी
इंतज़ार की घड़ियाँ बहुत लंबी हो जाती हैं, जब कोई अपना दूर हो और उम्मीदें टूट जाती हैं। अब किसी से कोई उम्मीद नहीं रखते हम, तन्हाई के साए में ही सुकून तलाशते हैं हम।
— शायर-ए-दिल #dard #sad #tanhai #judai #brokenheart
दर्द और तन्हाई शायरी
हमने तो वफ़ा की थी पूरी शिद्दत के साथ, मगर नसीब में लिखी थी सिर्फ दर्द की बरसात। वक़्त के साथ ज़ख़्म तो भर जाते हैं मगर निशान रह जाते हैं, टूटे हुए सपनों के सिर्फ ख़्वाब रह जाते हैं।
— दुष्यंत कुमार #dard #sad #tanhai #judai #brokenheart
दर्द और तन्हाई शायरी
काश वो समझ पाते मेरे ख़ामोश अश्कों की ज़ुबां, तो आज इस तरह तन्हा न भटकता मेरा कारवां। वक़्त के साथ ज़ख़्म तो भर जाते हैं मगर निशान रह जाते हैं, टूटे हुए सपनों के सिर्फ ख़्वाब रह जाते हैं।
— अकबर इलाहाबादी #dard #sad #tanhai #judai #brokenheart
दर्द और तन्हाई शायरी खास पसंद
आईना जब भी उठाया करो पहले देखा करो, फिर किसी और को आईना दिखाया करो। दर्द कितना है मेरे दिल में तुझे क्या मालूम, कभी आकर मेरी आँखों में भी झाँका करो।
रोमन / हिंग्लिश में पढ़ें

Aaina jab bhi uthaya karo pehle dekha karo, Phir kisi aur ko aaina dikhaya karo. Dard kitna hai mere dil mein tujhe kya maloom, Kabhi aakar meri aankhon mein bhi jhanka karo.

— बशीर बद्र #dard # aaina # aansoo # judai # sad
दर्द और तन्हाई शायरी
हँसी के पीछे का दर्द हर कोई नहीं समझता, भीड़ में भी तन्हा रहना हर किसी को नहीं आता, कहने को तो बहुत अपने हैं इस जहाँ में, पर रोते हुए गले लगाना हर किसी को नहीं आता।
रोमन / हिंग्लिश में पढ़ें

Hansi ke peeche ka dard har koi nahi samajhta, Bheed mein bhi tanha rehna har kisi ko nahi aata.

— तन्हा शायर #sad # broken # tanhai # dard
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