दर्द और तन्हाई शायरी
टूटे दिल और जुदाई के एहसासों को बयां करती दर्द भरी शायरी।
कभी फुरसत मिले तो सोचना ज़रूर, एक लापरवाह लड़का तेरी इतनी परवाह क्यों करता था।
रोमन / हिंग्लिश में पढ़ें
Kabhi fursat mile to sochna zaroor, Ek laparwah ladka teri itni parwah kyun karta tha.
उसे पाना भी नहीं मुमकिन, उसे खोना भी नहीं मुमकिन, तबीयत भी नहीं भरती, मुहब्बत भी नहीं घटती।
रोमन / हिंग्लिश में पढ़ें
Use paana bhi nahi mumkin, use khona bhi nahi mumkin, Tabiyat bhi nahi bharti, muhabbat bhi nahi ghatti.
आईना जब भी उठाया करो पहले देखा करो, फिर किसी और को आईना दिखाया करो। दर्द कितना है मेरे दिल में तुझे क्या मालूम, कभी आकर मेरी आँखों में भी झाँका करो।
रोमन / हिंग्लिश में पढ़ें
Aaina jab bhi uthaya karo pehle dekha karo, Phir kisi aur ko aaina dikhaya karo. Dard kitna hai mere dil mein tujhe kya maloom, Kabhi aakar meri aankhon mein bhi jhanka karo.
हँसी के पीछे का दर्द हर कोई नहीं समझता, भीड़ में भी तन्हा रहना हर किसी को नहीं आता, कहने को तो बहुत अपने हैं इस जहाँ में, पर रोते हुए गले लगाना हर किसी को नहीं आता।
रोमन / हिंग्लिश में पढ़ें
Hansi ke peeche ka dard har koi nahi samajhta, Bheed mein bhi tanha rehna har kisi ko nahi aata.
कभी फुरसत मिले तो सोचना ज़रूर, एक लापरवाह लड़का तेरी इतनी परवाह क्यों करता था।
रोमन / हिंग्लिश में पढ़ें
Kabhi fursat mile to sochna zaroor, Ek laparwah ladka teri itni parwah kyun karta tha.
उसे पाना भी नहीं मुमकिन, उसे खोना भी नहीं मुमकिन, तबीयत भी नहीं भरती, मुहब्बत भी नहीं घटती।
रोमन / हिंग्लिश में पढ़ें
Use paana bhi nahi mumkin, use khona bhi nahi mumkin, Tabiyat bhi nahi bharti, muhabbat bhi nahi ghatti.
इंतज़ार की घड़ियाँ बहुत लंबी हो जाती हैं, जब कोई अपना दूर हो और उम्मीदें टूट जाती हैं। अब किसी से कोई उम्मीद नहीं रखते हम, तन्हाई के साए में ही सुकून तलाशते हैं हम।
मुहब्बत में मिले धोखे का कोई इलाज नहीं, टूटे दिल पर किसी का कोई राज़ नहीं। अब तो सिर्फ यादें हैं जो सीने से लगी रहती हैं, सूनी आँखें रात भर रास्ता तकती रहती हैं।
काश वो समझ पाते मेरे ख़ामोश अश्कों की ज़ुबां, तो आज इस तरह तन्हा न भटकता मेरा कारवां। वक़्त के साथ ज़ख़्म तो भर जाते हैं मगर निशान रह जाते हैं, टूटे हुए सपनों के सिर्फ ख़्वाब रह जाते हैं।
दिल के दर्द को अल्फ़ाज़ों में पिरोया है हमने, जब सब सो रहे थे तब रातों में रोया है हमने। खुदा करे किसी को इश्क़ में ऐसा दर्द न मिले, जिसके लिए सब कुछ छोड़ा वही अलविदा कह दे।
टूटे हुए शीशे और टूटे हुए दिल कभी जुड़ते नहीं, जो आँख से अश्क बह जाएं वो कभी रुकते नहीं। अब तो सिर्फ यादें हैं जो सीने से लगी रहती हैं, सूनी आँखें रात भर रास्ता तकती रहती हैं।