पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों के हुनर को आधुनिक तकनीक और सस्ता ऋण उपलब्ध कराने की ऐतिहासिक योजना।
📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)
- ट्रेनिंग के दौरान रोजाना ₹500 का स्टाइपेंड।
- आधुनिक औजार खरीदने के लिए ₹15,000 का ई-वाउचर।
- बिना किसी गारंटी के 5% ब्याज पर ₹1 लाख (प्रथम चरण) और ₹2 लाख (द्वितीय चरण) का लोन।
1. योजना के पात्र 18 पारंपरिक पेशे
- बढ़ई (Carpenter), लोहार (Blacksmith), सुनार (Goldsmith)
- कुम्हार (Potter), मूर्तिकार, मोची (Cobbler)
- दर्जी (Tailor), राजमिस्त्री (Mason), नाई (Barber)
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जमीन विवाद, नामांतरण (दाखिल-खारिज), अवैध कब्जा, पुलिस शिकायत, एफआईआर, चेक बाउंस, बैंक खाता फ्रीज या कोर्ट केस में एडवोकेट संजय यादव से सही कानूनी मार्गदर्शन और सटीक समाधान प्राप्त करें।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q: विश्वकर्मा योजना में आवेदन कहां करें?
A: नजदीकी सीएससी (CSC) सेंटर पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन के साथ आवेदन करें।