कोर्ट सम्मन बनाम कोर्ट वारंट: दोनों में अंतर और नोटिस मिलने पर क्या करें?
अदालत में हाजिरी हेतु सम्मन और गिरफ्तारी हेतु वारंट में अंतर, सम्मन की तामील के नियम और नोटिस की अनदेखी पर होने वाले नुकसान।
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अदालत में हाजिरी हेतु सम्मन और गिरफ्तारी हेतु वारंट में अंतर, सम्मन की तामील के नियम और नोटिस की अनदेखी पर होने वाले नुकसान।
गवाहों को धमकाने, विदेश भागने या तारीखों पर पेश न होने पर धारा 483 बीएनएसएस के तहत जमानत निरस्त करने और गैर-जमानती वारंट जारी होने के नियम।
धारा 482 बीएनएसएस (पूर्व 438 सीआरपीसी) के तहत झूठे मुकदमों में गिरफ्तारी से पूर्व संरक्षण, जांच में सहयोग की शर्त और अग्रिम जमानत के आधार।
गिरफ्तारी से पहले सेशन/हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत और न्यायिक हिरासत में जाने के बाद रेगुलर बेल की वैधानिक प्रक्रिया व शर्तों में अंतर।
जमानती (Bailable) और गैर-जमानती (Non-Bailable) अपराधों में जमानत का अधिकार, मुचलका (Bail Bond), जामिनदार (Surety) और अदालती शर्तें।
गिरफ्तारी का समय, स्थान, साक्षी के हस्ताक्षर, परिजन को तत्काल सूचना और गिरफ्तारी मेमो न बनने पर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई।
24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी की संवैधानिक अनिवार्यता (अनुच्छेद 22), अवैध हिरासत में बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) रिट याचिका।
धारा 35 बीएनएसएस (पूर्व 41A सीआरपीसी) नोटिस, बिना नोटिस थाने बैठाने पर रोक, महिलाओं व 15 वर्ष से कम बच्चों से केवल निवास स्थान पर पूछताछ नियम।
राजस्थान पुलिस पोर्टल से चरित्र प्रमाण पत्र (Character Certificate) आवेदन, स्थानीय थाने द्वारा आपराधिक रिकॉर्ड जांच और रिपोर्ट प्रेषण।
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