राजस्थान कानूनी अधिकार एवं
नागरिक विधिक सहायता पोर्टल
जमीन-जायदाद, नामांतरण (दाखिल-खारिज), किराया कानून, वैवाहिक विवाद, उपभोक्ता संरक्षण, साइबर फ्रॉड, पुलिस एफआईआर और वरिष्ठ नागरिकों के 100 महत्वपूर्ण कानूनी अधिकारों की संपूर्ण, सरल व प्रामाणिक जानकारी।
क्या आपका कोई कानूनी विवाद है?
जमीन, वसीयत, चेक बाउंस, पुलिस केस, तलाक या पारिवारिक विवाद में सीधे हाई कोर्ट के अधिवक्ता से परामर्श लें।
WhatsApp पर संपर्क करेंगैर-जमानती वारंट (Non-Bailable Warrant - NBW) क्या है? रिकॉल करवाने की कानूनी प्रक्रिया
अदालत द्वारा गिरफ्तारी हेतु जारी एनबीडब्ल्यू, धारा 72 बीएनएसएस (पूर्व 70 सीआरपीसी) के तहत वारंट रिकॉल कराने की अर्जी और आत्मसमर्पण प्रक्रिया।
कोर्ट सम्मन बनाम कोर्ट वारंट: दोनों में अंतर और नोटिस मिलने पर क्या करें?
अदालत में हाजिरी हेतु सम्मन और गिरफ्तारी हेतु वारंट में अंतर, सम्मन की तामील के नियम और नोटिस की अनदेखी पर होने वाले नुकसान।
यदि कोई जमानत की शर्तों का उल्लंघन करे तो क्या होता है? बेल कैंसिलेशन प्रक्रिया
गवाहों को धमकाने, विदेश भागने या तारीखों पर पेश न होने पर धारा 483 बीएनएसएस के तहत जमानत निरस्त करने और गैर-जमानती वारंट जारी होने के नियम।
अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) क्या है? गिरफ्तारी से पहले राहत पाने के कानूनी आधार
धारा 482 बीएनएसएस (पूर्व 438 सीआरपीसी) के तहत झूठे मुकदमों में गिरफ्तारी से पूर्व संरक्षण, जांच में सहयोग की शर्त और अग्रिम जमानत के आधार।
रेगुलर बेल बनाम अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail): दोनों में मुख्य अंतर व नियम
गिरफ्तारी से पहले सेशन/हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत और न्यायिक हिरासत में जाने के बाद रेगुलर बेल की वैधानिक प्रक्रिया व शर्तों में अंतर।
जमानत अर्जी (Bail Application) क्या है? अदालत से जमानत पाने की कानूनी प्रक्रिया
जमानती (Bailable) और गैर-जमानती (Non-Bailable) अपराधों में जमानत का अधिकार, मुचलका (Bail Bond), जामिनदार (Surety) और अदालती शर्तें।
अरेस्ट मेमो (Arrest Memo) क्या है? गिरफ्तारी के समय डीके बसु दिशा-निर्देशों का महत्व
गिरफ्तारी का समय, स्थान, साक्षी के हस्ताक्षर, परिजन को तत्काल सूचना और गिरफ्तारी मेमो न बनने पर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई।
क्या पुलिस बिना गिरफ्तारी किसी को हिरासत में रख सकती है? अवैध निरोध के खिलाफ अधिकार
24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी की संवैधानिक अनिवार्यता (अनुच्छेद 22), अवैध हिरासत में बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) रिट याचिका।
पुलिस थाने बुलाए जाने पर आपके कानूनी अधिकार: पूछताछ, नोटिस व वकील की मौजूदगी
धारा 35 बीएनएसएस (पूर्व 41A सीआरपीसी) नोटिस, बिना नोटिस थाने बैठाने पर रोक, महिलाओं व 15 वर्ष से कम बच्चों से केवल निवास स्थान पर पूछताछ नियम।
पुलिस वेरिफिकेशन की कानूनी प्रक्रिया: नौकरी, पासपोर्ट व किराएदार सत्यापन नियम
राजस्थान पुलिस पोर्टल से चरित्र प्रमाण पत्र (Character Certificate) आवेदन, स्थानीय थाने द्वारा आपराधिक रिकॉर्ड जांच और रिपोर्ट प्रेषण।
अदालत में चार्जशीट दाखिल होने के बाद क्या होता है? संज्ञान, आरोप तय व ट्रायल प्रक्रिया
मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान (Cognizance), दस्तावेजों की आपूर्ति, आरोप विरचन (Framing of Charges), अभियोजन साक्ष्य और बचाव पक्ष की जिरह।
चार्जशीट (आरोप पत्र) क्या है? पुलिस जांच के बाद अदालत में चालान पेश करने के नियम
धारा 193 बीएनएसएस (पूर्व 173 सीआरपीसी) के तहत 60 या 90 दिन में चार्जशीट, गवाहों के बयान, फोरेंसिक साक्ष्य और डिफॉल्ट बेल (Default Bail) का अधिकार।