राजस्थान कानूनी अधिकार एवं
नागरिक विधिक सहायता पोर्टल
जमीन-जायदाद, नामांतरण (दाखिल-खारिज), किराया कानून, वैवाहिक विवाद, उपभोक्ता संरक्षण, साइबर फ्रॉड, पुलिस एफआईआर और वरिष्ठ नागरिकों के 100 महत्वपूर्ण कानूनी अधिकारों की संपूर्ण, सरल व प्रामाणिक जानकारी।
क्या आपका कोई कानूनी विवाद है?
जमीन, वसीयत, चेक बाउंस, पुलिस केस, तलाक या पारिवारिक विवाद में सीधे हाई कोर्ट के अधिवक्ता से परामर्श लें।
WhatsApp पर संपर्क करेंबिना सहमति निजी फोटो या वीडियो वायरल करने पर आईटी एक्ट की धारा 66E व 67A (Sharing Private Photos Without Consent: Legal Consequences)
निजता के हनन (Privacy Violation) पर 3 से 5 साल की सजा, भारी जुर्माना और सोशल मीडिया से आपत्तिजनक सामग्री तुरंत हटवाने के नियम।
आपके नाम और फोटो से फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनने पर तुरंत रिपोर्ट और कानूनी एक्शन (Fake Social Media Profiles: What Can You Do?)
पहचान चोरी (Identity Theft - Section 66C IT Act) के तहत साइबर एफआईआर और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से प्रोफाइल तुरंत डिलीट कराने की प्रक्रिया।
फर्जी शॉपिंग वेबसाइटों और भारी डिस्काउंट वाले विज्ञापनों से ठगी से कैसे बचें? (Online Shopping Fraud: How to Protect Yourself)
संदिग्ध पेमेंट गेटवे की पहचान, कैश ऑन डिलीवरी (COD) का उपयोग और ठगी होने पर चार्ज-बैक (Chargeback) प्रोसेस से रिफंड पाना।
गलती से OTP शेयर हो जाने पर तुरंत बैंक फ्रॉड रोकने के अनिवार्य कदम (OTP Fraud: What Should Victims Do?)
ओटीपी फ्रॉड के बाद तुरंत नेट बैंकिंग और यूपीआई ब्लॉक करना, बैंक फ्रॉड सेल में ईमेल करना और नोडल ऑफिसर से संपर्क।
डिजिटल पेमेंट फ्रॉड में खोए पैसे वापस पाने के कानूनी व तकनीकी रास्ते (Digital Payment Fraud: Important Legal and Practical Steps)
बैंकिंग लोकपाल (Banking Ombudsman) के समक्ष शिकायत दर्ज कराना और कोर्ट के माध्यम से बैंक खाते से रिकवरी के आदेश प्राप्त करना।
FIR और पुलिस शिकायत (Complaint) में क्या अंतर है? कानूनी बारीकियां (FIR vs Police Complaint: What's the Difference?)
संज्ञेय (Cognizable) बनाम असंज्ञेय (Non-cognizable) अपराध, एफआईआर दर्ज करने की बाध्यता और केवल शिकायत पत्र में अंतर।
राजस्थान में पुलिस थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज कराने का सही तरीका (How to File an FIR in Rajasthan)
घटना का सही विवरण, समय, स्थान, गवाहों के नाम और निशुल्क एफआईआर की प्रति (Free Copy of FIR) प्राप्त करने का कानूनी अधिकार।
यदि पुलिस थाना आपकी FIR दर्ज न करे तो क्या करें? धारा 156(3) व SP को आवेदन (What to Do If Police Refuse to Register Your Complaint?)
थानाधिकारी द्वारा एफआईआर न लिखने पर पुलिस अधीक्षक (SP) को डाक से शिकायत और मजिस्ट्रेट कोर्ट में 156(3) CrPC/BNSS के तहत एफआईआर का आदेश।
राजस्थान पुलिस पोर्टल व RajCop ऐप पर ऑनलाइन ई-एफआईआर कैसे दर्ज करें? (Can You File a Police Complaint Online in Rajasthan?)
चोरी, गुमशुदगी और गैर-संज्ञेय मामलों में घर बैठे ई-एफआईआर (e-FIR) दर्ज कराने और रसीद प्राप्त करने की संपूर्ण गाइड।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस जांच, चालान (Charge Sheet) और कोर्ट की प्रक्रिया (What Happens After an FIR Is Registered?)
जांच अधिकारी (IO) के अधिकार, गवाहों के बयान, मौका नक्शा, गिरफ्तारी के नियम और कोर्ट में चालान या एफआर (FR) पेश करने की प्रक्रिया।
लीगल नोटिस क्या होता है, इसे कब भेजना चाहिए और इसका क्या कानूनी प्रभाव होता है? (What Is a Legal Notice and When Should You Send One?)
चेक बाउंस (138 NI Act), रिकवरी, संपत्ति विवाद में कोर्ट जाने से पहले वकील के माध्यम से लीगल नोटिस भेजने के नियम और समय सीमा।
पुलिस का 41A नोटिस मिलने पर क्या करें? क्या गिरफ्तारी हो सकती है? (What Is a Police Notice and What Should You Do After Receiving One?)
7 साल से कम सजा वाले अपराधों में सीधे गिरफ्तारी पर रोक, नोटिस का जवाब देना और जांच में सहयोग करने के कानूनी अधिकार।