राजस्थान कानूनी अधिकार एवं
नागरिक विधिक सहायता पोर्टल
जमीन-जायदाद, नामांतरण (दाखिल-खारिज), किराया कानून, वैवाहिक विवाद, उपभोक्ता संरक्षण, साइबर फ्रॉड, पुलिस एफआईआर और वरिष्ठ नागरिकों के 100 महत्वपूर्ण कानूनी अधिकारों की संपूर्ण, सरल व प्रामाणिक जानकारी।
क्या आपका कोई कानूनी विवाद है?
जमीन, वसीयत, चेक बाउंस, पुलिस केस, तलाक या पारिवारिक विवाद में सीधे हाई कोर्ट के अधिवक्ता से परामर्श लें।
WhatsApp पर संपर्क करेंघरेलू हिंसा अधिनियम 2005: पीड़ित महिलाओं के कानूनी अधिकार व सुरक्षा (Domestic Violence: What Legal Protection Is Available?)
शारीरिक, मानसिक, मौखिक या आर्थिक प्रताड़ना के खिलाफ कानूनी सुरक्षा, हेल्पलाइन 181 और संरक्षण अधिकारी (Protection Officer) की मदद।
घरेलू हिंसा में प्रोटेक्शन ऑर्डर (सुरक्षा आदेश) क्या है और कैसे प्राप्त करें? (Protection Orders in Domestic Violence Cases)
मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा जारी सुरक्षा आदेश, साझा घर में रहने का अधिकार (Residence Order) और प्रताड़ना पर तुरंत रोक लगाने के नियम।
ससुराल की संपत्ति और स्त्रीधन (Stridhan) पर महिला का कानूनी अधिकार (Rights of Women in Matrimonial Property)
स्त्रीधन पर केवल महिला का पूर्ण अधिकार, पति या ससुराल वालों द्वारा स्त्रीधन हड़पने पर धारा 406 के तहत कानूनी कार्रवाई।
माता-पिता की संपत्ति में बच्चों (बेटा और बेटी) का कानूनी अधिकार (Rights of Children in Their Parents' Property)
स्व-अर्जित संपत्ति (Self-Acquired) बनाम पैतृक संपत्ति (Ancestral) में बच्चों के दावे और वसीयत के प्रभाव का कानूनी विश्लेषण।
पैतृक संपत्ति में बेटियों का कानूनी अधिकार: सुप्रीम कोर्ट का विनीता शर्मा फैसला (Ancestral Property Rights of Daughters)
2005 के संशोधन के बाद बेटियों को बेटे के समान सह-दायिकी (Coparcener) अधिकार: जन्म से बराबर हिस्सा पाने का नियम।
क्या शादी के बाद भी बेटी का पिता की संपत्ति में पूरा अधिकार रहता है? (Inheritance Rights of Married Daughters)
शादीशुदा बेटियों के कानूनी उत्तराधिकार, पिता की मृत्यु के बाद नामांतरण में नाम दर्ज करवाने और संपत्ति बेचने पर सहमति की अनिवार्यता।
पति की मृत्यु के बाद विधवा महिला के ससुराल व पैतृक संपत्ति में अधिकार (Legal Rights of Widows in Family Property)
क्लास-1 वारिस के रूप में विधवा का पति की संपत्ति में हिस्सा, पुनर्विवाह के बाद के अधिकार और सास-ससुर की संपत्ति में कानूनी स्थिति।
माता-पिता के विवाद में बच्चों की कस्टडी (Child Custody) किसे मिलती है? (Guardianship of Children: What Does the Law Say?)
अदालत में बच्चे का सर्वोत्तम कल्याण (Welfare of the Child) का सिद्धांत, 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे की मां को कस्टडी और मुलाकाती अधिकार (Visitation Rights)।
पति-पत्नी के पारिवारिक विवाद में कानूनी सलाह और मध्यस्थता (Mediation) के रास्ते (What to Do in a Matrimonial Dispute?)
झूठे मुकदमों से बचना, परिवार न्यायालय की मध्यस्थता विंग में काउंसिलिंग और शांतिपूर्ण समाधान निकालने के व्यावहारिक तरीके।
राजस्थान में वारिसान प्रमाण पत्र (Legal Heir Certificate) कैसे बनवाएं? (How to Obtain a Legal Heir Certificate in Rajasthan)
मृत्यु के बाद बैंक खातों, जमीन, नौकरी अनुकंपा नियुक्ति के लिए तहसील से वारिसान प्रमाण पत्र बनवाने की पूरी प्रक्रिया।
उपभोक्ता संरक्षण कानून 2019: हर नागरिक के 6 मूल उपभोक्ता अधिकार (Consumer Rights Every Rajasthan Resident Should Know)
सुरक्षा का अधिकार, सूचना पाने का अधिकार, चुनने का अधिकार, सुनवाई का अधिकार, निवारण का अधिकार और उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार।
राजस्थान उपभोक्ता फोरम (Consumer Court) में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया (How to File a Consumer Complaint in Rajasthan)
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में बिना वकील के भी स्वयं केस लड़ने, फीस जमा करने और नोटिस जारी करवाने के नियम।