एटीएम मशीन में तकनीकी खराबी या कैश खत्म होने के कारण पैसे न निकलना और खाते से डेबिट हो जाना एक आम समस्या है। इस पर रिजर्व बैंक के सख्त नियम ग्राहकों की रक्षा करते हैं।
📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)
- आरबीआई सर्कुलर के अनुसार असफल एटीएम लेनदेन का पैसा बैंक को T+5 दिन (5 कार्यदिवस) में लौटाना अनिवार्य है।
- यदि बैंक 5 दिन के भीतर पैसा वापस नहीं करता, तो 6ठे दिन से ₹100 प्रति दिन का हर्जाना ग्राहक को देना होगा।
- एटीएम स्लिप और लेनदेन के समय का एसएमएस संभालकर रखें।
- 30 दिन तक बैंक समाधान न करे तो आरबीआई लोकपाल (cms.rbi.org.in) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
1. पैसा फंसने पर तुरंत क्या करें?
1. 24 घंटे का इंतजार
अधिकांश मामलों में बैंक का ऑटो-रिवर्सल सिस्टम 24 घंटे में पैसा अपने आप वापस क्रेडिट कर देता है।
2. टोल-फ्री नंबर पर शिकायत
अपने बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल करके ट्रांजैक्शन की कंप्लेंट टिकट आईडी (Ticket ID) जरूर लें।
3. ब्रांच में लिखित अर्जी
यदि 48 घंटे में पैसा न आए, तो अपनी होम ब्रांच में एटीएम स्लिप के साथ डिस्प्यूट फॉर्म जमा करें।
किसी भी कानूनी, दस्तावेजी या जमीनी समस्या के लिए विशेषज्ञ विधिक राय लें
जमीन विवाद, नामांतरण (दाखिल-खारिज), अवैध कब्जा, पुलिस शिकायत, एफआईआर, चेक बाउंस, बैंक खाता फ्रीज या कोर्ट केस में एडवोकेट संजय यादव से सही कानूनी मार्गदर्शन और सटीक समाधान प्राप्त करें।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q: क्या हर्जाने के लिए अलग से अर्जी देनी पड़ती है?
A: नहीं, नियम के अनुसार बैंक को बिना मांगे ही विलंब के दिनों का ₹100 प्रतिदिन का मुआवजा ग्राहक के खाते में स्वतः क्रेडिट करना होता है।
Q: यदि किसी दूसरे बैंक के एटीएम से पैसा कटा हो तो?
A: शिकायत हमेशा अपने मूल बैंक (जिसका डेबिट कार्ड है) में ही दर्ज करानी होती है, बैंकों का नेटवर्क आपस में इसका निपटारा करता है।