डीमैट अकाउंट फ्रॉड से कैसे बचें: टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन और डीडीपीआई सेफगार्ड्स: साइबर ठगों से अपनी गाढ़ी कमाई के शेयर्स और डीमैट अकाउंट को सुरक्षित रखने के जरूरी सुरक्षा नियम और गाइडलाइंस।
आइए विस्तार से समझें इस महत्वपूर्ण विषय से जुड़ी हर जरूरी जानकारी, कानूनी व वित्तीय नियम और आम नागरिकों के लिए इसके मुख्य फायदे।
डीमैट अकाउंट में अनधिकृत ट्रेडिंग का खतरा
आजकल साइबर अपराधी फिशिंग लिंक और फर्जी कॉल्स के जरिए ब्रोकर्स के लॉगिन क्रेडेंशियल्स चुराकर शेयर्स बेच देते हैं।
- अपने ट्रेडिंग ऐप में बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट और टीओटीपी ऑथेंटिकेटर अनिवार्य रूप से सक्रिय करें।
- एनएसडीएल और सीडीएसएल के ई-वोटिंग और एसएमएस अलर्ट्स को हमेशा ध्यान से पढ़ें।
डीडीपीआई और पावर ऑफ अटॉर्नी की सीमाएं
ब्रोकर को कभी भी व्यापक पावर ऑफ अटॉर्नी न दें बल्कि सीमित डीडीपीआई का ही उपयोग करें।
- सीडीएसएल या एनएसडीएल पोर्टल पर जाकर अपने शेयर्स को 'फ्रीज' करने की सुविधा का लाभ उठाएं यदि आप लंबे समय तक ट्रेडिंग नहीं करते।
"शेयर बाजार में पूंजी सुरक्षा और अनुशासन ही सफलता का सबसे बड़ा नियम है। बिना शोध और रिस्क मैनेजमेंट के कभी भी किसी के बहकावे में आकर निवेश न करें।"
उपयोगी फ्री टूल्स और रिसोर्सेज
अपनी वित्तीय जानकारी और मार्केट अवेयरनेस को टेस्ट करने के लिए खेलें हमारा डेली क्विज। सरकारी बचत योजनाओं और ब्याज दरों की गणना के लिए चेक करें सरकारी योजना कैलकुलेटर।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
टी-पिन क्या होता है?
सीडीएसएल द्वारा जारी 6 अंकों का टी-पिन शेयर्स बेचते समय सुरक्षा का दोहरा सत्यापन करता है।
डीमैट अकाउंट से जुड़े फ्रॉड की शिकायत कहां करें?
सेबी के स्कोर्स पोर्टल scores.sebi.gov.in पर या संबंधित डिपॉजिटरी सीडीएसएल/एनएसडीएल को तुरंत शिकायत दर्ज करें।