सराफा बाजार में इन दिनों चांदी की चमक सोने से कहीं अधिक चमकदार साबित हो रही है। 1 अक्टूबर 2026 को चांदी 92,000 रुपये प्रति किलोग्राम के पार ट्रेड कर रही है। परंपरागत आभूषणों के अलावा चांदी एक प्रमुख औद्योगिक धातु बन चुकी है, जिससे इसके दामों को दोहरा समर्थन मिल रहा है।
औद्योगिक मांग में भारी उछाल
दुनिया भर में रिन्यूएबल एनर्जी और ग्रीन टेक्नोलॉजी पर जोर दिया जा रहा है। सोलर फोटोवोल्टिक सेल्स में चांदी का व्यापक इस्तेमाल होता है। इसके अलावा 5जी तकनीक, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बैटरियों और एआई सर्वर चिप्स में चांदी की खपत पिछले 3 वर्षों में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है।
निवेशकों के लिए सलाह: चांदी में उतार-चढ़ाव सोने के मुकाबले ज्यादा तेज होता है, इसलिए एकमुश्त बड़ी खरीद के बजाय सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के जरिए सिल्वर ईटीएफ में निवेश करना अधिक सुरक्षित विकल्प है।