देश के श्रम सुधारों के इतिहास में 4 नए लेबर कोड्स का निर्माण सबसे बड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। 29 पुराने और जटिल कानूनों को सरल बनाकर वेतन संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता और व्यावसायिक सुरक्षा व स्वास्थ्य संहिता में परिवर्तित किया गया है।
चार श्रम संहिताओं के मुख्य प्रभाव
- सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव: मूल वेतन यानी बेसिक सैलरी कुल सीटीसी का कम से कम 50% होना अनिवार्य होगा, जिससे भविष्य निधि और ग्रेच्युटी बचत बढ़ेगी।
- फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को 1 साल में ग्रेच्युटी: अनुबंध पर काम करने वाले कर्मचारियों को 5 साल के बजाय अब 1 साल की सेवा पर ही आनुपातिक ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा।
- गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा: जोमैटो, स्विगी, उबर जैसे प्लेटफॉर्म्स पर काम करने वाले डिलीवरी पार्टनर्स के लिए स्वास्थ्य व जीवन बीमा सुरक्षा अनिवार्य होगी।
- महिलाओं के लिए समान अवसर: सहमति से रात्रि पाली में काम करने की छूट और पुरुषों के बराबर समान वेतन की गारंटी।