बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट भारतीय परिवारों का सबसे पसंदीदा और सुरक्षित निवेश माध्यम रहा है। 1 अक्टूबर 2026 से रिजर्व बैंक ने एफडी के नियमों को और अधिक पारदर्शी बना दिया है ताकि बैंकों द्वारा मनमाने पेनल्टी चार्ज से ग्राहकों की रक्षा की जा सके।
प्री-मैच्योर विड्रॉल पर एकसमान पेनल्टी गाइडलाइन
पहले बैंक समय से पूर्व एफडी तोड़ने पर 1% से 2% तक भारी पेनल्टी काट लेते थे। नए दिशा-निर्देशों के तहत अब बैंकों को खाता खोलते समय ही स्पष्ट रूप से प्री-मैच्योर पेनल्टी की लिखित जानकारी रसीद पर देनी होगी। इसके अलावा 7 दिन से 14 दिन की अल्पकालिक एफडी पर भी ब्याज गणना के नियम सख्त किए गए हैं।