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Politics & Governance 6 min read • Sep 30, 2026 • 1,856 Views

संसद में कानून कैसे बनता है: लोकसभा, राज्यसभा और राष्ट्रपति की मंजूरी की प्रक्रिया

एक साधारण बिल से देश का कानून बनने तक का सफर: प्रथम वाचन, संयुक्त बैठक और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की संपूर्ण प्रक्रिया।

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ShayariManch Politics & Governance Desk
ShayariManch Literature Contributor
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संसद में कानून कैसे बनता है: लोकसभा, राज्यसभा और राष्ट्रपति की मंजूरी की प्रक्रिया

संसद में कानून कैसे बनता है: लोकसभा, राज्यसभा और राष्ट्रपति की मंजूरी की प्रक्रिया: एक साधारण बिल से देश का कानून बनने तक का सफर: प्रथम वाचन, संयुक्त बैठक और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की संपूर्ण प्रक्रिया।

आइए विस्तार से समझें इस महत्वपूर्ण विषय से जुड़ी हर जरूरी जानकारी, कानूनी व वित्तीय नियम और आम नागरिकों के लिए इसके मुख्य फायदे।

संसद के दोनों सदनों में बिल का पेश होना

किसी भी कानून की शुरुआत एक मसौदे यानी विधेयक बिल के रूप में होती है। इसे संसद के किसी भी सदन लोकसभा या राज्यसभा में पेश किया जा सकता है।

  • प्रथम वाचन में बिल के सिद्धांतों पर सामान्य चर्चा होती है।
  • द्वितीय वाचन में संसदीय स्थायी समिति या सदन में क्लॉज-बाय-क्लॉज विस्तृत बहस होती है।
  • तृतीय वाचन में बिल पर वोटिंग होती है और साधारण या विशेष बहुमत से पारित किया जाता है।

राष्ट्रपति की मंजूरी और कानून का गजट नोटिफिकेशन

दोनों सदनों से पास होने के बाद विधेयक भारत के राष्ट्रपति के पास हस्ताक्षर के लिए भेजा जाता है।

  • राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही बिल औपचारिक रूप से अधिनियम यानी एक्ट बन जाता है।
  • भारत के आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद कानून पूरे देश में लागू हो जाता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

धन विधेयक यानी मनी बिल किस सदन में पेश किया जाता है?

धन विधेयक केवल लोकसभा में ही पेश किया जा सकता है और इस पर लोकसभा का फैसला अंतिम होता है।

क्या राष्ट्रपति बिल को पुनर्विचार के लिए लौटा सकते हैं?

हां, सामान्य बिल को राष्ट्रपति एक बार संसद के पुनर्विचार के लिए लौटा सकते हैं।

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