स्टॉप लॉस लगाना क्यों जरूरी है: शेयर बाजार में बड़ी पूंजी डूबने से बचाने का अचूक नियम: ट्रेडिंग में जिंदा रहने का पहला और आखिरी नियम: स्टॉप लॉस कैसे तय करें, ट्रेलिंग स्टॉप लॉस के फायदे और भावनाओं पर नियंत्रण।
आइए विस्तार से समझें इस महत्वपूर्ण विषय से जुड़ी हर जरूरी जानकारी, कानूनी व वित्तीय नियम और आम नागरिकों के लिए इसके मुख्य फायदे।
स्टॉप लॉस: ट्रेडिंग का अनिवार्य सीटबेल्ट
स्टॉप लॉस वह पूर्व-निर्धारित मूल्य स्तर है जहां आपका ट्रेड गलत साबित होने पर ब्रोकर अपने आप सौदा काटकर आपको बड़े नुकसान से बचा लेता है।
- शेयर बाजार में गलत होना कोई अपराध नहीं है, लेकिन गलती को स्वीकार न करके बैठे रहना पूंजी खत्म कर देता है।
- एक ट्रेड में अपनी कुल पूंजी का 1 से 2 प्रतिशत से अधिक जोखिम कभी न लें।
ट्रेलिंग स्टॉप लॉस से मुनाफा सुरक्षित करना
जैसे-जैसे शेयर की कीमत आपके फेवर में बढ़ती है, अपने स्टॉप लॉस को ऊपर खिसकाते जाएं।
- इससे यदि बाजार अचानक गिरता भी है तो आप मुनाफे के साथ ही बाहर निकलते हैं।
"शेयर बाजार में पूंजी सुरक्षा और अनुशासन ही सफलता का सबसे बड़ा नियम है। बिना शोध और रिस्क मैनेजमेंट के कभी भी किसी के बहकावे में आकर निवेश न करें।"
उपयोगी फ्री टूल्स और रिसोर्सेज
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
स्टॉप लॉस किस आधार पर लगाना चाहिए?
सपोर्ट लेवल के ठीक नीचे या प्रमुख मूविंग एवरेज के आधार पर स्टॉप लॉस तय करना चाहिए।
क्या लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट में भी स्टॉप लॉस होता है?
इन्वेस्टमेंट में प्राइस स्टॉप लॉस के बजाय कंपनी के फंडामेंटल बिगड़ने पर एग्जिट किया जाता है।