राजस्थान कानूनी अधिकार एवं
नागरिक विधिक सहायता पोर्टल
जमीन-जायदाद, नामांतरण (दाखिल-खारिज), किराया कानून, वैवाहिक विवाद, उपभोक्ता संरक्षण, साइबर फ्रॉड, पुलिस एफआईआर और वरिष्ठ नागरिकों के 100 महत्वपूर्ण कानूनी अधिकारों की संपूर्ण, सरल व प्रामाणिक जानकारी।
क्या आपका कोई कानूनी विवाद है?
जमीन, वसीयत, चेक बाउंस, पुलिस केस, तलाक या पारिवारिक विवाद में सीधे हाई कोर्ट के अधिवक्ता से परामर्श लें।
WhatsApp पर संपर्क करेंमानहानि कानून (Defamation Law): झूठे आरोप लगाने पर मानहानि का केस और कानूनी सजा
सोशल मीडिया पर बदनाम करने, अपशब्द कहने या चरित्र हनन पर कानूनी अधिकार: आपराधिक मानहानि में 2 साल की जेल और करोड़ों का हर्जाना।
मेडिकल नेग्लिजेंस (Medical Negligence): डॉक्टर या अस्पताल की लापरवाही पर मरीज के अधिकार
गलत इलाज, गलत ऑपरेशन या दवा की लापरवाही पर डॉक्टरों और अस्पतालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई व उपभोक्ता फोरम से भारी मुआवजा।
बच्चे की कस्टडी के नियम (Child Custody Laws): तलाक के बाद पिता या माता किसे मिलेगा बच्चा?
तलाक के बाद बच्चे के पालन-पोषण और कस्टडी के नियम: 5 साल से छोटे बच्चे पर मां का प्राथमिक अधिकार और गार्जियनशिप एक्ट।
नए आपराधिक कानून (BNS & BNSS 2024-2026): Zero FIR क्या है? पुलिस गिरफ्तारी और पूछताछ के समय आम नागरिक के 10 कानूनी अधिकार
भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत आम नागरिक के अधिकार: किसी भी थाने में Zero FIR दर्ज कराने की प्रक्रिया, पुलिस गिरफ्तारी के समय सुप्रीम कोर्ट के अनिवार्य नियम और मुफ्त कानूनी सहायता।
असफल विवाह के बाद कानूनी विकल्प: आपसी सहमति से तलाक, न्यायिक पृथक्करण व पुनर्वास
धारा 13B हिंदू विवाह अधिनियम में 6 महीने के कूलिंग-ऑफ पीरियड की छूट, स्थाई गुजारा भत्ता (Alimony) और शांतिपूर्ण विधिक समझौते की पूरी प्रक्रिया।
दहेज प्रताड़ना का सामना कर रही महिला के कानूनी अधिकार: धारा 85/86 बीएनएस (पुराना 498A)
दहेज मांग, शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना पर गैर-जमानती धाराओं में एफआईआर, महिला हेल्पलाइन 1090 और तुरंत पुलिस सुरक्षा का अधिकार।
बच्चे की शिक्षा व भरण-पोषण खर्च: माता-पिता के कानूनी दायित्व व कोर्ट नियम
तलाक या विवाद के बाद भी पिता द्वारा बच्चे की उच्च शिक्षा, स्कूल फीस और विवाह खर्च उठाने का वैधानिक उत्तरदायित्व।
तलाक के समय बच्चे की कस्टडी (Child Custody): बच्चे का हित व न्यायालयीन सिद्धांत
अदालत में बच्चे का कल्याण (Welfare of the Child) सर्वोपरि; 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे की कस्टडी मां को और पिता को मुलाकात का अधिकार (Visitation Rights)।
ससुराल से स्त्रीधन वापस पाने के कानूनी विकल्प: धारा 316 बीएनएस व डीवी एक्ट प्रक्रिया
स्त्रीधन न लौटाने पर आपराधिक न्यास भंग (Criminal Breach of Trust - BNS 316 / IPC 406) की एफआईआर और कोर्ट के जरिए रिकवरी वारंट।
स्त्रीधन क्या है और इस पर किसका मालिकाना हक होता है? कानूनी स्पष्टता
विवाह के समय मायके व ससुराल से मिले जेवर, उपहार व नकदी पर केवल और केवल महिला का 100% पूर्ण मालिकाना अधिकार होता है।
ससुराल में महिला का निवास अधिकार: साझा घर (Shared Household) में सुप्रीम कोर्ट के नियम
सतीश चंदर आहूजा बनाम स्नेहा आहूजा फैसले के अनुसार ससुराल का मकान सास-ससुर के नाम होने पर भी बहू को घर से बेदखल नहीं किया जा सकता।
घरेलू हिंसा में आर्थिक प्रताड़ना (Economic Abuse) से संरक्षण: कानूनी अधिकार व राहत
महिला का वेतन छीनना, घरेलू खर्च न देना या स्त्रीधन हड़पना आर्थिक हिंसा के दायरे में; धारा 20 डीवी एक्ट के तहत मौद्रिक राहत का अधिकार।