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Legal Awareness 5 min read • Oct 07, 2026 • 2,501 Views

मानहानि कानून (Defamation Law): झूठे आरोप लगाने पर मानहानि का केस और कानूनी सजा

सोशल मीडिया पर बदनाम करने, अपशब्द कहने या चरित्र हनन पर कानूनी अधिकार: आपराधिक मानहानि में 2 साल की जेल और करोड़ों का हर्जाना।

Advocate Sanjay Yadav
Advocate Sanjay Yadav
🏛️ Rajasthan High Court, Jaipur • Legal Counsel
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मानहानि कानून (Defamation Law): झूठे आरोप लगाने पर मानहानि का केस और कानूनी सजा

किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा उसकी सबसे कीमती संपत्ति है, जिसे नुकसान पहुंचाने पर कानून सख्त दंड देता है।

📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)

  • आपराधिक मानहानि (BNS धारा 356) में 2 साल का कारावास हो सकता है।
  • सिविल मानहानि में प्रतिष्ठा की हानि के लिए आर्थिक हर्जाना (Damages) मांगा जाता है।
  • व्हाट्सएप, फेसबुक या मीडिया पर झूठे आरोप लगाना भी मानहानि के दायरे में आता है।

1. मानहानि केस के अपवाद (जब अपराध नहीं बनता)

  • सच्चाई का सार्वजनिक हित में प्रकटीकरण
  • जनप्रतिनिधियों के आचरण पर सद्भावनापूर्ण राय
  • अदालती कार्यवाहियों की सच्ची रिपोर्टिंग
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❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q: सोशल मीडिया पोस्ट पर मानहानि का केस हो सकता है?

A: हां, फेसबुक, एक्स (ट्विटर) या व्हाट्सएप ग्रुप पर किसी की छवि धूमिल करने वाली पोस्ट मानहानि मानी जाती है।

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