किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा उसकी सबसे कीमती संपत्ति है, जिसे नुकसान पहुंचाने पर कानून सख्त दंड देता है।
📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)
- आपराधिक मानहानि (BNS धारा 356) में 2 साल का कारावास हो सकता है।
- सिविल मानहानि में प्रतिष्ठा की हानि के लिए आर्थिक हर्जाना (Damages) मांगा जाता है।
- व्हाट्सएप, फेसबुक या मीडिया पर झूठे आरोप लगाना भी मानहानि के दायरे में आता है।
1. मानहानि केस के अपवाद (जब अपराध नहीं बनता)
- सच्चाई का सार्वजनिक हित में प्रकटीकरण
- जनप्रतिनिधियों के आचरण पर सद्भावनापूर्ण राय
- अदालती कार्यवाहियों की सच्ची रिपोर्टिंग
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❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q: सोशल मीडिया पोस्ट पर मानहानि का केस हो सकता है?
A: हां, फेसबुक, एक्स (ट्विटर) या व्हाट्सएप ग्रुप पर किसी की छवि धूमिल करने वाली पोस्ट मानहानि मानी जाती है।