आईटी, कॉर्पोरेट या निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के साथ अक्सर होता है कि नोटिस पीरियड पूरा करने के बाद भी कंपनी रिलीविंग लेटर या एफएंडएफ रोक लेती है। यह गैर-कानूनी है।
📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)
- वैध नोटिस पीरियड पूरा करने के बाद रिलीविंग लेटर और एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट पाना कर्मचारी का वैधानिक अधिकार है।
- पेमेंट ऑफ वेजेस एक्ट के अनुसार इस्तीफा प्रभावी होने के 7 से 30 दिनों के भीतर फुल एंड फाइनल (F&F) भुगतान अनिवार्य।
- कंपनी द्वारा टालमटोल करने पर वकील के माध्यम से 15 दिन का लीगल नोटिस भेजें।
- श्रमायुक्त (Labor Commissioner) या सिविल कोर्ट में करियर के नुकसान का हर्जाना (Damages) मांगने का दावा करें।
1. कंपनी पर दबाव बनाने के 4 कानूनी कदम
1. ईमेल पत्राचार का रिकॉर्ड
इस्तीफा, स्वीकृति (Acceptance) और हैंडओवर पूरा होने के सभी ईमेल का सुरक्षित बैकअप अपने निजी ईमेल पर रखें।
2. श्रम विभाग में शिकायत
राज्य के लेबर वेलफेयर पोर्टल या सहायक श्रमायुक्त कार्यालय में वेतन व दस्तावेज रोके जाने की लिखित शिकायत दें।
3. एडवोकेट का लीगल नोटिस
कंपनी के डायरेक्टर और एचआर को लीगल नोटिस भेजकर 15 दिन में दस्तावेज न देने पर कोर्ट केस की चेतावनी दें।
4. नई कंपनी में स्व-घोषणा
नई कंपनी को इस्तीफे का ईमेल, हैंडओवर रसीद और बैंक स्टेटमेंट दिखाकर प्रोविजनल जॉइनिंग ले सकते हैं।
किसी भी कानूनी, दस्तावेजी या जमीनी समस्या के लिए विशेषज्ञ विधिक राय लें
जमीन विवाद, नामांतरण (दाखिल-खारिज), अवैध कब्जा, पुलिस शिकायत, एफआईआर, चेक बाउंस, बैंक खाता फ्रीज या कोर्ट केस में एडवोकेट संजय यादव से सही कानूनी मार्गदर्शन और सटीक समाधान प्राप्त करें।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q: क्या कंपनी नोटिस पे काटकर तुरंत रिलीव कर सकती है?
A: हां, यदि एंप्लॉयमेंट एग्रीमेंट में नोटिस पे बायआउट (Notice Pay in lieu of notice) की शर्त है, तो सैलरी कटवाकर तुरंत रिलीव हुआ जा सकता है।
Q: क्या कंपनी रिलीविंग लेटर रोककर करियर बर्बाद कर सकती है?
A: नहीं, कोई भी कंपनी किसी नागरिक की आजीविका के अधिकार (अनुच्छेद 21) पर अनुचित प्रतिबंध नहीं लगा सकती; कोर्ट कंपनी पर भारी जुर्माना लगा सकती है।