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Employment & Workplace 5 min read • Oct 07, 2026 • 2,501 Views

ग्रेच्युटी (Gratuity) कैलकुलेशन फॉर्मूला: 5 साल की पात्रता, ₹20 लाख तक टैक्स छूट व वसूली नियम

नौकरी छोड़ने या रिटायर होने पर कंपनी से कितनी ग्रेच्युटी मिलेगी? पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट 1972, 15/26 का फॉर्मूला, 4 साल 8 महीने का नियम और कंपनी न दे तो लेबर कोर्ट।

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Legal & Public Rights Desk
ShayariManch Literature Contributor
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ग्रेच्युटी (Gratuity) कैलकुलेशन फॉर्मूला: 5 साल की पात्रता, ₹20 लाख तक टैक्स छूट व वसूली नियम

किसी एक संस्थान में निरंतर सेवा देने वाले कर्मचारी को कंपनी द्वारा वफादारी और सेवा के बदले दिया जाने वाला एकमुश्त आभार फंड ग्रेच्युटी कहलाता है। कानूनन यह कर्मचारी का अधिकार है।

📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)

  • पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट के तहत एक कंपनी में न्यूनतम 5 वर्ष की निरंतर सेवा (Continuous Service) पूरी होना अनिवार्य।
  • अदालती फैसलों के अनुसार 4 साल और 240 दिन (लगभग 4 वर्ष 8 महीने) काम करने पर भी 5 साल मानकर ग्रेच्युटी देय होती है।
  • ग्रेच्युटी फॉर्मूला: (15 × अंतिम बेसिक सैलरी + DA × सेवा के कुल वर्ष) ÷ 26।
  • निजी और सरकारी दोनों कर्मचारियों के लिए ₹20 लाख तक की ग्रेच्युटी राशि 100% टैक्स फ्री होती है।

1. ग्रेच्युटी का उदाहरण कैलकुलेशन

अंतिम बेसिक + DA कुल सेवा काल कैलकुलेशन कुल ग्रेच्युटी
₹40,000 5 वर्ष (15 × 40000 × 5) ÷ 26 ₹1,15,385
₹50,000 10 वर्ष (15 × 50000 × 10) ÷ 26 ₹2,88,462
₹80,000 15 वर्ष (15 × 80000 × 15) ÷ 26 ₹6,92,308
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❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q: कंपनी यदि ग्रेच्युटी देने से मना करे तो क्या करें?

A: कंट्रोलिंग अथॉरिटी (सहायक श्रमायुक्त / Labor Commissioner) के समक्ष फॉर्म N भरकर शिकायत करें; कंपनी को 10% ब्याज सहित भुगतान करना होगा।

Q: क्या 5 साल से पहले मृत्यु होने पर भी ग्रेच्युटी मिलती है?

A: हां, कर्मचारी की मृत्यु या स्थायी विकलांगता की स्थिति में 5 साल की न्यूनतम सेवा शर्त लागू नहीं होती; नॉमिनी को पूरी ग्रेच्युटी मिलती है।

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