नौकरी बदलने या छोड़ने पर ईपीएफ खाते में जमा अपना और कंपनी का पूरा अंशदान ब्याज सहित निकालना हर कर्मचारी का अधिकार है। अब यह प्रक्रिया 7 दिन में ऑनलाइन पूरी होती है।
📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)
- नौकरी छोड़ने के कम से कम 2 महीने बाद फुल एंड फाइनल पीएफ निकासी (Form 19 व 10C) का विकल्प खुलता है।
- निकासी से पहले ईपीएफओ पोर्टल पर नौकरी छोड़ने की तारीख (Date of Exit) दर्ज होना अनिवार्य है।
- 5 साल से कम की सेवा में ₹50,000 से अधिक पीएफ निकालने पर पैन कार्ड लिंक न होने पर 30% टीडीएस कटता है; फॉर्म 15G जमा कर टीडीएस बचाएं।
- ऑनलाइन क्लेम सबमिट करने के 3 से 7 कार्यदिवसों के भीतर पैसा सीधे आपके बैंक खाते में क्रेडिट हो जाता है।
1. ईपीएफ फॉर्म 19 और फॉर्म 10C में अंतर
| फॉर्म | उद्देश्य | किसको मिलता है |
|---|---|---|
| Form 19 | कर्मचारी व नियोक्ता के कुल पीएफ अंशदान की पूरी निकासी | सभी कर्मचारी जो बेरोजगार हैं |
| Form 10C | कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के पैसे की एकमुश्त निकासी | जिनकी कुल सेवा 10 वर्ष से कम हो |
| Form 10D | मासिक पेंशन का आवेदन | जिनकी कुल सेवा 10 वर्ष या अधिक पूरी हो चुकी हो |
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❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q: Date of Exit कैसे दर्ज करें?
A: Unified Member Portal पर Manage > Mark Exit में जाकर नौकरी छोड़ने का महीना और कारण खुद ऑनलाइन चुन सकते हैं।
Q: क्या पीएफ क्लेम रिजेक्ट होने पर दोबारा भर सकते हैं?
A: हां, रिजेक्शन का कारण (जैसे बैंक पासबुक में नाम गलत या चेक पर नाम न होना) सुधारकर तुरंत नया क्लेम दाखिल करें।