राज्य स्तरीय सरकारी भर्तियों, कॉलेज एडमिशन और राज्य सरकार की छात्रवृत्तियों के लिए मूल निवास (Domicile / Bonafide) प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से मांगा जाता है।
📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)
- संबंधित राज्य में लगातार 10 से 15 वर्ष (राज्यवार नियम) से निवास करने का साक्ष्य अनिवार्य।
- राज्य में स्वयं या माता-पिता के नाम पर अचल संपत्ति या पुराना बिजली-पानी बिल।
- मूल निवास प्रमाण पत्र जीवन में केवल एक बार बनता है और यह आजीवन (Lifetime) वैध रहता है।
- एक समय में किसी भी नागरिक के पास केवल एक ही राज्य का मूल निवास प्रमाण पत्र हो सकता है।
1. मूल निवास बनवाने के लिए अनिवार्य दस्तावेज
- आवेदक का आधार कार्ड और 2 पासपोर्ट साइज फोटो
- पिछले 10 वर्षों के निवास का साक्ष्य (स्कूल टीसी, मार्कशीट या पुराना बिजली बिल)
- पिता का मूल निवास प्रमाण पत्र या मतदाता पहचान पत्र
- दो राजपत्रित अधिकारियों (Gazetted Officers) या सरपंच/पार्षद द्वारा सत्यापन रिपोर्ट
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❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q: शादी के बाद महिला का मूल निवास कहां का बनेगा?
A: महिला यदि दूसरे राज्य में शादी करती है, तो वह ससुराल के पते और विवाह प्रमाण पत्र के आधार पर पति के राज्य का मूल निवास बनवा सकती है।
Q: क्या किराएदार भी मूल निवास बनवा सकता है?
A: हां, यदि वह उस राज्य में लगातार 10-15 वर्षों से रह रहा है और उसके पास स्कूलिंग व लगातार निवास का प्रमाण है।