भारत सरकार के ई-कोर्ट मिशन मोड प्रोजेक्ट ने देश भर की अदालतों को डिजिटल बना दिया है। अब कोई भी नागरिक घर बैठे अपने केस की हर पेशी और आर्डर देख सकता है।
📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)
- प्रत्येक अदालती केस का 16 अंकों का यूनिक सीएनआर नंबर (CNR Number) होता है।
- eCourts Services मोबाइल ऐप से केस को ट्रैक कर एसएमएस व नोटिफिकेशन अलर्ट पाएं।
- केस नंबर, पार्टी के नाम या एडवोकेट के नाम से भी केस का स्टेटस सर्च किया जा सकता है।
- अदालत द्वारा पारित अंतरिम और अंतिम आदेशों (Orders & Judgments) की पीडीएफ मुफ्त डाउनलोड करें।
1. ई-कोर्ट पोर्टल पर केस सर्च करने के 4 आसान तरीके
1. CNR नंबर द्वारा
सबसे सटीक तरीका। 16 अंकों का सीएनआर नंबर डालते ही केस का पूरा इतिहास स्क्रीन पर आ जाता है।
2. पार्टी के नाम से
वादी (Petitioner) या प्रतिवादी (Respondent) का नाम और केस दाखिल करने का वर्ष डालकर खोजें।
3. केस नंबर से
केस का प्रकार (जैसे Civil Suit, Criminal Appeal), केस संख्या और वर्ष दर्ज करके सर्च करें।
4. वकील के नाम से
अपने वकील का बार काउंसिल रोल नंबर या नाम डालकर उनकी कॉज लिस्ट में अपना केस देखें।
किसी भी कानूनी, दस्तावेजी या जमीनी समस्या के लिए विशेषज्ञ विधिक राय लें
जमीन विवाद, नामांतरण (दाखिल-खारिज), अवैध कब्जा, पुलिस शिकायत, एफआईआर, चेक बाउंस, बैंक खाता फ्रीज या कोर्ट केस में एडवोकेट संजय यादव से सही कानूनी मार्गदर्शन और सटीक समाधान प्राप्त करें।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q: CNR नंबर कहां लिखा होता है?
A: कोर्ट में पेश किए गए दावे की पहली रसीद, समन कॉपी या वकील द्वारा दी गई केस फाइल के ऊपरी हिस्से पर सीएनआर नंबर लिखा होता है।
Q: क्या ई-कोर्ट से डाउनलोड किया गया आदेश कोर्ट में मान्य है?
A: हां, सामान्य जानकारी और रिकॉर्ड के लिए यह पूरी तरह मान्य है। कानूनी साक्ष्य के लिए कोर्ट की सर्टिफाइड कॉपी (प्रमाणित प्रति) ली जाती है।