सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के 'सारथी' पोर्टल ने ड्राइविंग लाइसेंस की पूरी प्रक्रिया को फेसलेस और पारदर्शी बना दिया है। अब घर बैठे आधार ऑथेंटिकेशन से लर्निंग लाइसेंस बन जाता है।
📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)
- लर्निंग लाइसेंस (LL) के लिए घर बैठे ऑनलाइन कंप्यूटर टेस्ट देकर तुरंत डाउनलोड करें।
- लर्निंग बनने के 30 दिन बाद और 6 महीने के भीतर परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस के लिए टेस्ट स्लॉट बुक करें।
- ड्राइविंग टेस्ट पास होते ही स्पीड पोस्ट से स्मार्ट कार्ड चिप वाला डीएल घर पहुंचता है।
- डीएल एक्सपायर होने के 1 साल के भीतर रिन्यू कराने पर दोबारा ड्राइविंग टेस्ट नहीं देना पड़ता।
1. डीएल बनवाने के 3 ऑनलाइन चरण
चरण 1: लर्निंग लाइसेंस
sarathi.parivahan.gov.in पर जाकर आधार ई-केवाईसी से फॉर्म भरें और ऑनलाइन 15 सवालों का ट्रैफिक टेस्ट पास करें।
चरण 2: आरटीओ टेस्ट स्लॉट
₹1000 फीस जमा कर अपनी सुविधानुसार आरटीओ ट्रैक पर गाड़ी चलाकर दिखाने की तारीख चुनें।
चरण 3: बायोमेट्रिक व टेस्ट
तय तारीख पर गाड़ी लेकर जाएं, 8 (Eight) और H ट्रैक पर टेस्ट पास करें और लाइसेंस प्राप्त करें।
किसी भी कानूनी, दस्तावेजी या जमीनी समस्या के लिए विशेषज्ञ विधिक राय लें
जमीन विवाद, नामांतरण (दाखिल-खारिज), अवैध कब्जा, पुलिस शिकायत, एफआईआर, चेक बाउंस, बैंक खाता फ्रीज या कोर्ट केस में एडवोकेट संजय यादव से सही कानूनी मार्गदर्शन और सटीक समाधान प्राप्त करें।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q: क्या डिजीलॉकर का डीएल चेकिंग में मान्य है?
A: हां, भारत सरकार के नियमानुसार डिजीलॉकर (DigiLocker) और एम-परिवहन ऐप में डिजिटल डीएल पूर्णतः वैध और कानूनी मान्य है।
Q: बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने पर कितना चालान है?
A: मोटर व्हीकल एक्ट धारा 181 के तहत बिना वैध डीएल गाड़ी चलाने पर ₹5,000 का भारी चालान कटता है।