गाड़ी की अंतिम ईएमआई कट जाने के बाद भी गाड़ी पर बैंक का बंधक (Hypothecation) दर्ज रहता है। जब तक आप आरटीओ से इसे नहीं हटवाते, आप गाड़ी को बेच या क्लेम नहीं ले सकते।
📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)
- लोन पूरा होते ही फाइनेंसर/बैंक से 2 प्रतियों में फॉर्म 35 और एनओसी (NOC) प्राप्त करें।
- बैंक एनओसी की वैधता सामान्यतः 90 दिनों की होती है, इसलिए तुरंत आरटीओ में आवेदन करें।
- परिवहन पोर्टल पर 'Hypothecation Termination' चुनकर ऑनलाइन ₹100-₹200 शुल्क जमा करें।
- हाइपोथिकेशन हटने के बाद आपको पूरी तरह बैंक के नाम से मुक्त नई आरसी प्राप्त होती है।
1. हाइपोथिकेशन हटाने के 4 सरल स्टेप्स
1. बैंक एनओसी प्राप्त करना
बैंक से लोन क्लोजर लेटर, दो हस्ताक्षरित फॉर्म 35 और एनओसी लेटर कलेक्ट करें।
2. परिवहन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन
गाड़ी नंबर और चेसिस नंबर डालकर HPT विकल्प चुनें और फीस जमा करें।
3. आरटीओ में फाइल जमा करना
मूल आरसी, एनओसी, फॉर्म 35 और इंश्योरेंस कॉपी आरटीओ काउंटर पर जमा कराएं।
4. नई क्लीन आरसी प्राप्त करना
आरटीओ सत्यापन के बाद बिना बैंक नाम वाली फ्रेश आरसी जारी कर दी जाती है।
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❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q: हाइपोथिकेशन न हटाने पर क्या नुकसान होता है?
A: आप गाड़ी को किसी दूसरे व्यक्ति को बेच नहीं सकते और दुर्घटना होने पर बीमा क्लेम का चेक आपके बजाय बैंक के नाम जारी हो सकता है।
Q: क्या इंश्योरेंस कंपनी को भी एनओसी देनी होती है?
A: हां, अपनी बीमा कंपनी को भी बैंक एनओसी भेजकर इंश्योरेंस पॉलिसी से फाइनेंसर का नाम हटवाना आवश्यक है।