अक्सर लोग पुरानी गाड़ी बेचकर पैसे ले लेते हैं लेकिन आरसी ट्रांसफर नहीं कराते। यदि वह गाड़ी किसी अपराध या सड़क दुर्घटना में फंसती है, तो जेल मूल मालिक को जाना पड़ सकता है।
📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)
- गाड़ी बेचने के 14 दिनों के भीतर संबंधित आरटीओ को फॉर्म 29 और फॉर्म 30 जमा करना कानूनी रूप से अनिवार्य।
- दूसरे जिले या राज्य में बेचने पर पुराने आरटीओ से एनओसी (Form 28) लेना आवश्यक होता है।
- Parivahan पोर्टल पर 'Transfer of Ownership' विकल्प से ऑनलाइन आवेदन और फीस भुगतान।
- डिलीवरी नोट (Vehicle Delivery Receipt) पर खरीदार के हस्ताक्षर और समय जरूर दर्ज कराकर सुरक्षित रखें।
1. आरसी ट्रांसफर के लिए जरूरी दस्तावेज चेकलिस्ट
- मूल आरसी (Original Registration Certificate)
- फॉर्म 29 (गाड़ी बेचने की सूचना) और फॉर्म 30 (ट्रांसफर का आवेदन)
- गाड़ी का वैध बीमा (Insurance) और प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC)
- खरीदार का आधार कार्ड, पैन कार्ड और 2 पासपोर्ट साइज फोटो
किसी भी कानूनी, दस्तावेजी या जमीनी समस्या के लिए विशेषज्ञ विधिक राय लें
जमीन विवाद, नामांतरण (दाखिल-खारिज), अवैध कब्जा, पुलिस शिकायत, एफआईआर, चेक बाउंस, बैंक खाता फ्रीज या कोर्ट केस में एडवोकेट संजय यादव से सही कानूनी मार्गदर्शन और सटीक समाधान प्राप्त करें।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q: अगर खरीदार आरसी ट्रांसफर न कराए तो क्या करें?
A: आप आरटीओ में लिखित सूचना देकर गाड़ी को ब्लैकलिस्ट (Ownership Dispute) करा सकते हैं और थाने में जीडी दर्ज करा सकते हैं।
Q: आरसी ट्रांसफर में कितना समय लगता है?
A: दस्तावेज जमा होने के बाद आरटीओ द्वारा सामान्यतः 15 से 30 दिनों में नई आरसी खरीदार के पते पर भेज दी जाती है।