भारत सरकार के उपभोक्ता मामले मंत्रालय ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर होने वाली भ्रामक प्रथाओं और एकाधिकार को समाप्त करने के लिए संशोधित ई-कॉमर्स नियमों की घोषणा की है। ये नियम अमेजन, फ्लिपकार्ट, मीशो और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स जैसे ब्लिंकिट और जेप्टो पर भी पूरी तरह लागू होंगे।
नए ई-कॉमर्स नियमों के 5 बड़े प्रावधान
- स्पॉन्सर लिस्टिंग का स्पष्ट प्रकटीकरण: प्लेटफॉर्म्स को यह साफ बताना होगा कि कोई प्रोडक्ट विज्ञापन के पैसे देकर टॉप सर्च में दिखाया जा रहा है या ऑर्गेनिक रेटिंग से।
- फेक प्राइस ड्रॉप पर रोक: कृत्रिम रूप से एमआरपी बढ़ाकर भारी डिस्काउंट का झूठा दिखावा करने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
- विक्रेता की पूरी पहचान: उत्पाद पेज पर सेलर का नाम, देश, पता और ग्राहक शिकायत निवारण अधिकारी की जानकारी अनिवार्य होगी।
- समीक्षाओं में पारदर्शिता: केवल सत्यापित खरीदारों के रिव्यू ही दिखाए जा सकेंगे और भुगतान देकर लिखवाई गई फर्जी समीक्षाओं पर प्रतिबंध होगा।
- आसान रिटर्न और रिफंड: बिना किसी अनुचित शर्त के खराब या गलत सामान वापस लेने की प्रक्रिया पारदर्शी बनाई जाएगी।