रियल एस्टेट में जिंदगी भर की जमा पूंजी लगती है। जरा सी असावधानी से खरीदार धोखाधड़ी का शिकार हो सकता है। जानिए रजिस्ट्री की कानूनी और सुरक्षित प्रक्रिया।
📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)
- जमीन खरीदने से पहले पिछले 30 सालों का सर्च रिपोर्ट (Encumbrance Certificate) जरूर निकालें।
- सर्कल रेट (DLC Rate) और बाजार मूल्य में से जो अधिक हो, उसी पर स्टांप ड्यूटी चुकाई जाती है।
- सेल डीड (बैनामा) में विक्रेता के सभी अधिकार, सीमाएं और पूर्व स्वामित्व का स्पष्ट उल्लेख हो।
- रजिस्ट्री के समय दो निष्पक्ष गवाहों की उपस्थिति और बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य होता है।
1. रजिस्ट्री कराने से पहले जांचने योग्य 5 बातें
- मूल पट्टा या पूर्व सेल डीड विक्रेता के पास मौजूद है या नहीं
- जमीन पर किसी बैंक का लोन या कोर्ट का स्टे ऑर्डर तो नहीं है
- मौके पर जाकर जमीन की वास्तविक नाप और चौहद्दी (Boundaries) का मिलान करें
- कब्जा रजिस्ट्री के दिन ही मौके पर शारीरिक रूप से प्राप्त करें
किसी भी कानूनी, दस्तावेजी या जमीनी समस्या के लिए विशेषज्ञ विधिक राय लें
जमीन विवाद, नामांतरण (दाखिल-खारिज), अवैध कब्जा, पुलिस शिकायत, एफआईआर, चेक बाउंस, बैंक खाता फ्रीज या कोर्ट केस में एडवोकेट संजय यादव से सही कानूनी मार्गदर्शन और सटीक समाधान प्राप्त करें।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q: ई-स्टांप (e-Stamp) कहां से प्राप्त करें?
A: स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन (SHCIL) के पोर्टल या अधिकृत बैंकों और स्टांप वेंडरों से ई-स्टांप पेपर खरीदा जा सकता है।
Q: महिलाओं के नाम रजिस्ट्री कराने पर क्या छूट मिलती है?
A: अधिकांश राज्यों में महिला खरीदार होने पर स्टांप ड्यूटी में 1% से 2% तक की विशेष छूट मिलती है।