यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई आज भारत की जीवनरेखा बन चुका है। लेकिन साइबर फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने 1 अक्टूबर 2026 से कई महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रावधान लागू किए हैं।
नए यूपीआई दिशा-निर्देशों की मुख्य बातें
- 4 घंटे का कूलिंग पीरियड: जब भी कोई यूजर पहली बार किसी नए यूपीआई आईडी पर पैसे ट्रांसफर करेगा, तो पहली बार में अधिकतम 2,000 रुपये तक ही ट्रांसफर हो सकेंगे और बाकी राशि 4 घंटे बाद ट्रांसफर होगी।
- मेडिकल और एजुकेशन पेमेंट में छूट: अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए यूपीआई की दैनिक सीमा 5 लाख रुपये तक रखी गई है।
- इनएक्टिव यूपीआई आईडी ब्लॉक: जिन यूपीआई खातों से पिछले एक साल से कोई लेनदेन नहीं हुआ है, उन्हें बैंक स्वतः निष्क्रिय कर देंगे।