खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने भारतीय उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए एक ऐतिहासिक रुख अपनाया है। बाजार में कई कंपनियां 'वेगन पनीर' या 'प्लांट बेस्ड पनीर' के नाम पर सस्ते वनस्पति तेल और रसायन युक्त उत्पाद बेच रही थीं। नए दिशानिर्देशों ने इस भ्रम को कानूनी रूप से समाप्त कर दिया है।
लेबलिंग नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना
एफएसएसएआई कानून की धारा 52 और 53 के अनुसार भ्रामक विज्ञापन और गलत लेबलिंग करने पर खाद्य निर्माताओं पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। गैर-डेयरी वसा वाले उत्पादों को अब पैकेट के अग्र भाग पर कम से कम 3 मिलीमीटर बड़े अक्षरों में गैर-दूध उत्पाद लिखना होगा।