हाल के वर्षों में कई राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने से युवाओं में भारी आक्रोश देखा गया था। इस समस्या की जड़ पर प्रहार करने के लिए संसद द्वारा पारित नया नकल निवारण कानून अब पूरे देश में पूरी ताकत से लागू हो चुका है।
गैर-जमानती और संज्ञेय अपराध
इस कानून के तहत पेपर लीक और संगठित नकल से जुड़े सभी अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती हैं। इसका अर्थ यह है कि पुलिस बिना वारंट के आरोपियों को गिरफ्तार कर सकती है और उन्हें आसानी से जमानत नहीं मिलेगी। जांच का अधिकार पुलिस उपाधीक्षक या सहायक पुलिस आयुक्त स्तर के वरिष्ठ अधिकारी को ही दिया गया है।