परक्राम्य लिखत अधिनियम (NI Act) की धारा 138 के तहत चेक बाउंस एक संज्ञेय अपराध है।
📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)
- बैंक रिटर्न मेमो मिलते ही 30 दिन में लीगल नोटिस भेजना अनिवार्य।
- नोटिस के 15 दिन बाद अगले 30 दिन में कोर्ट परिवाद।
- चेक राशि का दोगुना जुर्माना और 2 वर्ष का कारावास।
1. कानूनी प्रक्रिया के 4 चरण
- बैंक रिटर्न मेमो प्राप्त करना
- वकील के जरिए लीगल डिमांड नोटिस
- 15 दिन का भुगतान इंतजार
- न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में केस
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❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q: चेक बाउंस का केस कहां दर्ज होता है?
A: जिस बैंक शाखा में चेक जमा कराया गया था, उसी क्षेत्राधिकार की अदालत में केस दर्ज होता है।