ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर अब मौके पर पुलिस के बजाय सीसीटीवी कैमरों और स्पीड राडार से सीधे ऑनलाइन ई-चालान कट जाता है। समय पर इसका निपटारा करना जरूरी है।
📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)
- परिवहन ई-चालान पोर्टल (echallan.parivahan.gov.in) पर गाड़ी नंबर या चालान नंबर से स्टेटस चेक करें।
- वर्चुअल कोर्ट पोर्टल (vcourts.gov.in) पर जाकर बिना कोर्ट गए ऑनलाइन जुर्माना भरा जा सकता है।
- गलत चालान कटने पर 'Dispute Challan' विकल्प चुनकर ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है।
- राष्ट्रीय लोक अदालत (National Lok Adalat) में पुराने ट्रैफिक चालानों पर 50% से 80% तक की छूट मिलती है।
1. चालान निस्तारण के 3 ऑनलाइन तरीके
| माध्यम | प्रक्रिया | लाभ |
|---|---|---|
| Parivahan e-Challan | वेबसाइट पर सीधे नेट बैंकिंग/UPI से भुगतान | तुरंत एनओसी और क्लीयरेंस |
| Virtual Court (vcourts) | केस स्टेटस देखकर अपराध स्वीकार कर कम जुर्माना भरें | बिना अदालत गए जज द्वारा निपटारा |
| राष्ट्रीय लोक अदालत | साल में 4 बार लगने वाली लोक अदालत में टोकन लेकर जाएं | भारी छूट और सभी पुराने पेंडिंग चालान खत्म |
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❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q: चालान न भरने पर क्या गाड़ी जब्त हो सकती है?
A: लंबे समय तक चालान पेंडिंग रहने पर गाड़ी ब्लैकलिस्ट (Blacklist) हो जाती है, जिससे फिटनेस, पॉल्यूशन, ट्रांसफर या एनओसी नहीं मिल पाती।
Q: वर्चुअल कोर्ट में चालान का मैसेज कब आता है?
A: चालान कटने के 60 से 90 दिन बाद यदि पोर्टल पर भुगतान न हो, तो मामला स्वतः वर्चुअल कोर्ट भेज दिया जाता है।