मोटर व्हीकल संशोधन अधिनियम के बाद पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट न होने पर सीधे ₹10,000 का भारी-भरकम चालान कटता है। लेकिन कानून चालान माफ कराने का रास्ता भी देता है।
📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)
- मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 190(2) के तहत बिना वैध पीयूसी गाड़ी चलाने पर ₹10,000 का चालान या 3 महीने की जेल।
- केंद्रीय मोटर वाहन नियम (CMVR) नियम 139 के अनुसार यदि आपके पास वैध पीयूसी था लेकिन मौके पर नहीं दिखा पाए, तो 7 दिन में दिखाने पर चालान मात्र ₹100 हो जाता है।
- वर्चुअल कोर्ट (vcourts.gov.in) में केस जाने पर जज के सामने प्रथम अपराध होने की दलील देकर जुर्माना भारी कम कराया जा सकता है।
- राष्ट्रीय लोक अदालत (National Lok Adalat) में पीयूसी चालान पर ₹500 से ₹1000 में अंतिम निपटारा हो जाता है।
1. पीयूसी चालान से बचने व जुर्माना कम कराने के स्टेप्स
1. 7 दिन के भीतर नया PUC बनवाएं
चालान कटते ही उसी दिन नजदीकी पेट्रोल पंप से नया वैध पीयूसी बनवाएं ताकि यह सिद्ध हो कि गाड़ी प्रदूषण नहीं फैला रही।
2. आरटीओ में आवेदन दें
नया पीयूसी और चालान की कॉपी लेकर आरटीओ ऑफिस जाएं और नियम 139 के तहत चालान संशोधित कराएं।
3. वर्चुअल कोर्ट में अपील
वर्चुअल कोर्ट पोर्टल पर जाकर अपराध स्वीकार करते हुए कम जुर्माने (Pleas of Guilty) का विकल्प चुनें।
किसी भी कानूनी, दस्तावेजी या जमीनी समस्या के लिए विशेषज्ञ विधिक राय लें
जमीन विवाद, नामांतरण (दाखिल-खारिज), अवैध कब्जा, पुलिस शिकायत, एफआईआर, चेक बाउंस, बैंक खाता फ्रीज या कोर्ट केस में एडवोकेट संजय यादव से सही कानूनी मार्गदर्शन और सटीक समाधान प्राप्त करें।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q: नए वाहनों के लिए पीयूसी कितने समय तक वैध रहता है?
A: नई गाड़ी खरीदने की तारीख से पहले 1 वर्ष तक किसी पीयूसी की आवश्यकता नहीं होती; 1 वर्ष बाद हर 6 महीने या 1 साल में रिन्यू कराना होता है।
Q: क्या ऑनलाइन पीयूसी चेक किया जा सकता है?
A: हां, परिवहन पोर्टल (vahan.parivahan.gov.in/puc) पर गाड़ी नंबर और चेसिस नंबर के अंतिम 5 अंक डालकर पीयूसी स्टेटस तुरंत देखा जा सकता है।