कानून का सर्वमान्य सिद्धांत है: 'जमानत नियम है और जेल अपवाद' (Bail is a rule, Jail is an exception)।
📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)
- अग्रिम जमानत केवल सत्र न्यायालय (Sessions Court) या उच्च न्यायालय से मिलती है।
- गैर-जमानती अपराधों में भी जमानत मांगना आरोपी का विधिक अधिकार है।
- जमानतदार (Surety) और मुचलका (Bail Bond) जमा करने पर रिहाई होती है।
1. जमानत के तीन प्रकार
- अग्रिम जमानत (धारा 438): गिरफ्तारी की आशंका पर पहले से राहत
- नियमित जमानत (धारा 437/439): गिरफ्तारी के बाद रिहाई के लिए
- अंतरिम जमानत: मुख्य अर्जी की सुनवाई तक की अस्थाई राहत
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❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q: क्या पुलिस स्टेशन से भी जमानत मिल सकती है?
A: जमानती (Bailable) अपराधों में पुलिस अधिकारी थाने से ही जमानत देने के लिए बाध्य है।