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Legal Awareness 5 min read • Oct 07, 2026 • 2,501 Views

घरेलू हिंसा कानून (DV Act 2005): पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा, भरण-पोषण व निवास अधिकार

शारीरिक, मानसिक, मौखिक व आर्थिक प्रताड़ना के खिलाफ महिलाओं के कानूनी अधिकार: धारा 12, प्रोटेक्शन ऑर्डर और रहने का अधिकार।

Advocate Sanjay Yadav
Advocate Sanjay Yadav
🏛️ Rajasthan High Court, Jaipur • Legal Counsel
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घरेलू हिंसा कानून (DV Act 2005): पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा, भरण-पोषण व निवास अधिकार

घरेलू हिंसा अधिनियम केवल विवाहित महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि मां, बहन और लिव-इन पार्टनर की सुरक्षा के लिए भी लागू होता है।

📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)

  • साझा घर में बिना डर के रहने का कानूनी अधिकार (Right to Residence)।
  • मासिक भरण-पोषण और बच्चों के संरक्षण (Custody) का आदेश।
  • प्रोटेक्शन ऑफिसर और महिला हेल्पलाइन 181 की मुफ्त सहायता।

1. घरेलू हिंसा में मिलने वाली राहतें

  • सुरक्षा आदेश (Protection Orders)
  • निवास आदेश (Residence Orders)
  • आर्थिक राहत और मुआवजा (Monetary Relief)
⚖️ कानूनी परामर्श व विशेषज्ञ सहायता (Legal Assistance)
राजस्थान हाई कोर्ट एवं रेवेन्यू कोर्ट विशेषज्ञ

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जमीन विवाद, नामांतरण (दाखिल-खारिज), अवैध कब्जा, पुलिस शिकायत, एफआईआर, चेक बाउंस, बैंक खाता फ्रीज या कोर्ट केस में एडवोकेट संजय यादव से सही कानूनी मार्गदर्शन और सटीक समाधान प्राप्त करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q: घरेलू हिंसा की शिकायत कहां दर्ज कराएं?

A: नजदीकी थाने, प्रोटेक्शन ऑफिसर, महिला हेल्पलाइन 181 या सीधे मजिस्ट्रेट कोर्ट में।

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