उपभोक्ता संरक्षण कानून 2019 के तहत ग्राहक राजा है और किसी भी अनुचित व्यापार व्यवहार पर भारी हर्जाना पा सकता है।
📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)
- घर बैठे e-daakhil.nic.in पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है।
- केस दर्ज करने के लिए वकील की अनिवार्यता नहीं है, खुद बहस कर सकते हैं।
- जिला आयोग में ₹50 लाख तक के दावों की सुनवाई होती है।
1. शिकायत में संलग्न करने वाले दस्तावेज
- खरीद का पक्का बिल (Invoice/Receipt)
- वारंटी कार्ड और ईमेल संवाद का प्रिंट
- कंपनी को भेजा गया लीगल नोटिस
किसी भी कानूनी, दस्तावेजी या जमीनी समस्या के लिए विशेषज्ञ विधिक राय लें
जमीन विवाद, नामांतरण (दाखिल-खारिज), अवैध कब्जा, पुलिस शिकायत, एफआईआर, चेक बाउंस, बैंक खाता फ्रीज या कोर्ट केस में एडवोकेट संजय यादव से सही कानूनी मार्गदर्शन और सटीक समाधान प्राप्त करें।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q: कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत की समय सीमा क्या है?
A: घटना या कारण उत्पन्न होने के 2 वर्ष के भीतर शिकायत दर्ज करनी होती है।