भारत के संविधान का अनुच्छेद 21 और 22 प्रत्येक नागरिक को मनमानी गिरफ्तारी के विरुद्ध पूर्ण सुरक्षा प्रदान करता है।
📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)
- गिरफ्तारी का कारण और आधार जानने का मौलिक अधिकार।
- रिश्तेदार या दोस्त को 8-12 घंटे में सूचना देना अनिवार्य।
- महिलाओं को सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले गिरफ्तार नहीं किया जा सकता।
1. डीके बसु दिशा-निर्देश (D.K. Basu Guidelines)
- पुलिसकर्मी की वर्दी पर नाम और पद का स्पष्ट बिल्ला।
- गिरफ्तारी मेमो पर गवाह और परिजन के हस्ताक्षर।
- हर 48 घंटे में डॉक्टर से मेडिकल परीक्षण।
- 24 घंटे के भीतर नजदीकी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी।
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❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q: क्या पुलिस बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकती है?
A: केवल गंभीर (Cognizable) अपराधों में, अन्यथा गैर-संज्ञेय मामलों में कोर्ट का वारंट अनिवार्य है।