बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल न करने और संपत्ति हड़पने वाले बच्चों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई का मजबूत प्रावधान।
📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)
- एसडीएम (SDM) ट्रिब्यूनल में 90 दिनों के भीतर केस का फैसला।
- देखभाल न करने पर माता-पिता द्वारा दी गई गिफ्ट डीड (संपत्ति) रद्द हो सकती है।
- माता-पिता को घर से निकालने पर 3 महीने की जेल का प्रावधान।
1. वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार
- मासिक भरण-पोषण खर्च का दावा
- आवासीय अधिकार और बेदखली से सुरक्षा
- मुफ्त कानूनी सहायता और मेडिकल केयर
किसी भी कानूनी, दस्तावेजी या जमीनी समस्या के लिए विशेषज्ञ विधिक राय लें
जमीन विवाद, नामांतरण (दाखिल-खारिज), अवैध कब्जा, पुलिस शिकायत, एफआईआर, चेक बाउंस, बैंक खाता फ्रीज या कोर्ट केस में एडवोकेट संजय यादव से सही कानूनी मार्गदर्शन और सटीक समाधान प्राप्त करें।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q: वरिष्ठ नागरिक ट्रिब्यूनल में केस कैसे करें?
A: क्षेत्रीय उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) कार्यालय में सादे कागज पर आवेदन देकर केस किया जा सकता है।