राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। शीर्ष अदालत ने कहा कि कागजी योजनाओं से आगे बढ़कर धरातल पर कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि हर कामकाजी महिला बिना किसी भय के सार्वजनिक स्थानों पर आवागमन कर सके।
कोर्ट द्वारा जारी किए गए 4 अनिवार्य सुरक्षा निर्देश
- डार्क स्पॉट्स का तत्काल ऑडिट: सभी मेट्रो स्टेशनों, बस अड्डों और सुनसान सड़कों पर 30 दिनों के भीतर आधुनिक एलईडी स्ट्रीट लाइट सुनिश्चित करना।
- कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जुड़ी सीसीटीवी निगरानी: सार्वजनिक वाहनों और टैक्सियों में जीपीएस ट्रैकिंग और पैनिक बटन की नियमित औचक जांच।
- महिला पुलिस पेट्रोलिंग यूनिट्स की तैनाती: संवेदनशील इलाकों में रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक त्वरित प्रतिक्रिया टीमों की नियमित गश्त।
- फास्ट ट्रैक कोर्ट्स में समयबद्ध सुनवाई: जघन्य अपराधों के मुकदमों का निपटारा छह महीने की अनिवार्य समय सीमा के भीतर करना।