गंभीर अपराध होने पर क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) का बहाना बनाकर पुलिस एफआईआर दर्ज करने से मना नहीं कर सकती।
📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)
- जीरो एफआईआर को बिना नंबर के तुरंत दर्ज किया जाता है।
- प्राथमिक जांच के बाद केस संबंधित थाने को ट्रांसफर होता है।
- एफआईआर से इनकार करने पर पुलिस अधिकारी पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
1. जीरो एफआईआर के मुख्य लाभ
- साक्ष्य और सबूत नष्ट होने से बचते हैं।
- पीड़ित को तुरंत चिकित्सीय और कानूनी मदद मिलती है।
- महिलाओं और बाल अपराधों में त्वरित न्याय।
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❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q: यदि पुलिस जीरो एफआईआर न लिखे तो क्या करें?
A: एसपी (SP/DCP) को लिखित शिकायत दें या धारा 156(3) के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष अर्जी लगाएं।