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Family & Marriage 5 min read • Oct 07, 2026 • 2,501 Views

एकतरफा तलाक (Contested Divorce): क्रूरता, परित्याग व व्यभिचार के आधार पर तलाक लेने की कोर्ट प्रक्रिया

यदि जीवनसाथी तलाक देने से मना करे तो एकतरफा तलाक कैसे लें? धारा 13(1) हिंदू मैरिज एक्ट के वैध आधार, सबूत जुटाना और फैमिली कोर्ट में मुकदमे की पैरवी।

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Legal & Public Rights Desk
ShayariManch Literature Contributor
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एकतरफा तलाक (Contested Divorce): क्रूरता, परित्याग व व्यभिचार के आधार पर तलाक लेने की कोर्ट प्रक्रिया

जब एक पक्ष अलग होना चाहता है लेकिन दूसरा पक्ष तलाक देने से इनकार कर देता है, तो पीड़ित पक्ष को एकतरफा तलाक (Contested Divorce) का मुकदमा दाखिल करना पड़ता है।

📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)

  • हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13 के तहत क्रूरता (Cruelty), परित्याग (Desertion) या मानसिक अस्वस्थता मुख्य आधार।
  • मानसिक क्रूरता (Mental Cruelty) में गाली-गलौज, झूठे मुकदमे दर्ज कराना और माता-पिता से अलग रहने का अनुचित दबाव शामिल।
  • लगातार 2 वर्ष या अधिक समय तक बिना किसी उचित कारण के छोड़कर चले जाना (Desertion) वैध आधार है।
  • कोर्ट में गवाहों की गवाही, क्रॉस-एग्जामिनेशन और साक्ष्यों के आधार पर जज तलाक की डिक्री पारित करते हैं।

1. एकतरफा तलाक के प्रमुख कानूनी आधार

  • क्रूरता (शारीरिक हिंसा या मानसिक प्रताड़ना व अपमान)
  • परित्याग (कम से कम 2 साल से वैवाहिक संबंधों का परित्याग)
  • व्यभिचार (Adultery - विवाह के बाहर अवैध शारीरिक संबंध)
  • धर्मांतरण या असाध्य संक्रामक/मानसिक बीमारी
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❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q: एकतरफा तलाक में कितना समय लगता है?

A: तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर फैमिली कोर्ट में आमतौर पर 2 से 4 साल का समय लग सकता है।

Q: केस के दौरान क्या पत्नी को खर्चा देना होगा?

A: हां, धारा 24 हिंदू मैरिज एक्ट के तहत कोर्ट मुकदमे के दौरान अंतरिम भरण-पोषण और केस लड़ने का खर्च पति को देने का आदेश दे सकती है।

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