LIVE
ShayariManch ShayariManch.com
Family & Marriage 5 min read • Oct 07, 2026 • 2,502 Views

आपसी सहमति से तलाक (Mutual Consent Divorce): 6 महीने की कूलिंग-ऑफ छूट, खर्चा व त्वरित डिक्री

पति-पत्नी यदि दोनों अलग होना चाहें तो सबसे तेज और सम्मानजनक तरीका: हिंदू विवाह अधिनियम धारा 13B, प्रथम व द्वितीय मोशन और भरण-पोषण का अंतिम समझौता।

L
Legal & Public Rights Desk
ShayariManch Literature Contributor
Share:
आपसी सहमति से तलाक (Mutual Consent Divorce): 6 महीने की कूलिंग-ऑफ छूट, खर्चा व त्वरित डिक्री

जब पति और पत्नी के बीच सुलह की कोई गुंजाइश न बचे, तो वर्षों तक कोर्ट में लड़ने के बजाय आपसी सहमति से तलाक (Mutual Consent Divorce) लेना दोनों के भविष्य के लिए सबसे बेहतर विकल्प है।

📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)

  • हिंदू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 13B (या विशेष विवाह अधिनियम धारा 28) के तहत संयुक्त याचिका।
  • कम से कम 1 वर्ष से अलग रहने (Living Separately) का प्रमाण पत्र आवश्यक।
  • सुप्रीम कोर्ट के 'अमरदीप सिंह' फैसले के अनुसार 6 महीने की कूलिंग-ऑफ अवधि (Cooling-off Period) को माफ कराया जा सकता है।
  • स्त्रीधन, गुजारा भत्ता (Alimony) और बच्चों की कस्टडी का एकमुश्त अंतिम फैसला पहले ही लिखित में तय हो जाता है।

1. आपसी सहमति तलाक के 2 मोशन

प्रथम मोशन (First Motion)

दोनों पक्ष संयुक्त हलफनामे के साथ फैमिली कोर्ट में बयान दर्ज कराते हैं और समझौते की शर्तें कोर्ट रिकॉर्ड पर आती हैं।

द्वितीय मोशन (Second Motion)

नियमतः 6 महीने बाद (या वेवर अर्जी मंजूर होने पर 1 सप्ताह में) अंतिम बयान दर्ज होते हैं और कोर्ट तलाक की डिक्री जारी करती है।

⚖️ कानूनी परामर्श व विशेषज्ञ सहायता (Legal Assistance)
राजस्थान हाई कोर्ट एवं रेवेन्यू कोर्ट विशेषज्ञ

किसी भी कानूनी, दस्तावेजी या जमीनी समस्या के लिए विशेषज्ञ विधिक राय लें

जमीन विवाद, नामांतरण (दाखिल-खारिज), अवैध कब्जा, पुलिस शिकायत, एफआईआर, चेक बाउंस, बैंक खाता फ्रीज या कोर्ट केस में एडवोकेट संजय यादव से सही कानूनी मार्गदर्शन और सटीक समाधान प्राप्त करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q: क्या प्रथम मोशन के बाद कोई पक्ष सहमति वापस ले सकता है?

A: हां, दूसरे मोशन से पहले कोई भी पक्ष अपनी सहमति वापस ले सकता है, जिससे आपसी सहमति का केस स्वतः समाप्त हो जाता है।

Q: कुल कितना समय और खर्चा लगता है?

A: वेवर एप्लीकेशन मंजूर होने पर 1 से 2 महीने में तलाक की डिक्री मिल जाती है और कोर्ट फीस मात्र नाममात्र की होती है।

Family & Marriage

कोर्ट मैरिज (Court Marriage) प्रक्रिया और फीस: स्पेशल मैरिज एक्ट 1954 के नियम, 30 दिन का नोटिस व सर्टिफिकेट

कोर्ट मैरिज कैसे करें? लड़के-लड़की की उम्र सीमा, जरूरी दस्तावेज, 30 दिन का कानूनी नोटिस, 3 गवाहों की अनिवार्यता और मैरिज सर्टिफिकेट की वैधता।

Family & Marriage

पारिवारिक विवाद और भरण-पोषण: धारा 144 BNSS (पुरानी 125 CrPC) के तहत पत्नी, बच्चे और बुजुर्गों का अधिकार

गुजारा भत्ता के नए कानूनी नियम: बीएनएसएस धारा 144, अंतरिम मेंटेनेंस (Interim Maintenance), आय का शपथ पत्र और वृद्ध माता-पिता के भरण-पोषण के अधिकार।

Family & Marriage

स्त्रीधन (Stridhan) और ससुराल की संपत्ति में बहू का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट की नई कानूनी गाइडलाइन

शादी में मिले गहनों और उपहारों पर किसका मालिकाना हक होता है? स्त्रीधन की कानूनी सुरक्षा, ससुराल की संपत्ति में बहू के अधिकार और तलाक पर वापसी के नियम।

Family & Marriage

एकतरफा तलाक (Contested Divorce): क्रूरता, परित्याग व व्यभिचार के आधार पर तलाक लेने की कोर्ट प्रक्रिया

यदि जीवनसाथी तलाक देने से मना करे तो एकतरफा तलाक कैसे लें? धारा 13(1) हिंदू मैरिज एक्ट के वैध आधार, सबूत जुटाना और फैमिली कोर्ट में मुकदमे की पैरवी।

Family & Marriage

बच्चों की कस्टडी (Child Custody): मां बनाम पिता के अधिकार और 'बच्चे का कल्याण' (Welfare of Child)

तलाक या विवाद के समय बच्चे की कस्टडी किसे मिलती है? 5 साल से कम उम्र के बच्चे का नियम, पिता के गार्जियनशिप अधिकार और विजिटेशन राइट्स (मुलाकात का हक)।

Family & Marriage

घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 (Domestic Violence Act): साझा घर में रहने का हक, संरक्षण आदेश व हर्जाना

पति या ससुराल वालों द्वारा शारीरिक, मानसिक या आर्थिक प्रताड़ना पर महिला के अधिकार: धारा 12 DV Act की अर्जी, सुरक्षा अधिकारी (PO) और अंतरिम भरण-पोषण।

कॉपी हो गया!